फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया पुरुष अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती पेट दर्द से परेशान महिला की इंजेक्शन लगने के कुछ देर बाद ही मौत हो गई। इससे गुस्साए परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। शोरगुल सुनकर वार्ड के कर्मचारी भाग निकले। सपा नेत्री की सूचना पर मौके पर पहुंचे सीएमएस ने पूछताछ की।
राजेपुर थाने के गांव खाखटमऊ दहिलिया निवासी कांति देवी (70) को उनके पुत्र देवराज ने पेट दर्द होने के बाद शुक्रवार सुबह लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया। दोपहर करीब दो बजे वार्ड की महिला कर्मी ने उनके कूल्हे में इंजेक्शन लगाया। इसके तुरंत बाद धीरे-धीरे सांसें थमने लगीं। इस पर पुत्र देवराज, उनकी पत्नी ऊषा और बहन खिमसेपुर निवासी ओमवती ने हंगामा शुरू कर दिया।
गलत इंजेक्शन लगाने से मौत का आरोप लगाया। शोरगुल सुनकर इमरजेंसी में मौजूद डॉ. अभिषेक चतुर्वेदी पहुंचे। उन्होंने जांच कर मृत घोषित कर दिया। परिजनों के आरोप लगाने पर उन्होंने वार्ड के कर्मियों को बुलाया, तो पता चला कि स्टाफ नर्स, वार्ड ब्वॉय आदि कर्मचारी गायब हैं।
डॉ. अभिषेक के समझाने पर परिजन शव लेकर चले गए। सीएमएस डॉ. राजकुमार गुप्त पहुंचे। उन्हें एक महिला स्टाफ नर्स मिली। पता चला कि वह ब्लड बैंक में ड्यूटी करती हैं। अचानक दो बजे उन्हें फोन करके इमरजेंसी वार्ड भेजा गया। वह खुद बीमार थी। सीएमएस ने बताया कि महिला की इंजेक्शन से मौत की कोई शिकायत नहीं आई है। हां स्टाफ न होने के मामले में स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।