संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतपुर। ग्राम प्रधान ने सचिव से मिल कर वृद्ध को मृत दिखा दिया। इसके बाद उसकी वृद्धावस्था पेंशन बंद करा दी। पेंशन धारक की पेंशन रुकने पर जानकारी हुई। वृद्ध ने जीवित होने का सबूत देकर दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराए जाने के लिए पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र दिया।
थाना क्षेत्र के गांव चपरा निवासी सोनेलाल पुत्र हरदयाल ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र दिया। इसमें कहा कि उसकी वृद्धावस्था पेंशन वर्ष 2020-21 में स्वीकृत हुई थी। उसको वृद्धावस्था पेंशन लगातार मिलती रही। वर्ष 2022-23 में पेंशन सत्यापन के समय ग्राम प्रधान आशाराम ने सचिव मनीष यादव के साथ मिलकर उसको मृतक दिखा दिया। इसकी आख्या जिला समाज कल्याण अधिकारी को भेज दी। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने भी खुद गांव जाकर जांच न कर वृद्धावस्था पेंशन निरस्त कर दी। पेंशन न आने पर विकास भवन पहुंच कर जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय में जानकारी की। तब उसे पता चला कि पेंशन धारक की मौत होने की रिपोर्ट आई है। इस कारण पेंशन बंद कर दी गई है। जानकारी होने पर सोनेलाल ने जीवित होने का प्रमाण पत्र समाज कल्याण अधिकारी को दिया। इसके बाद भी पेंशन चालू नहीं की गई। कहा कि ग्राम सचिव द्वारा जीवित को मृतक दिखाए जाने से वह अब जीवित होने का साक्ष्य अधिकारियों को दे रहा है। वह ग्राम प्रधान व सचिव के इस कृत्य से बहुत ही आहत है। वृद्ध सोनेलाल ने बताया, कि खंड विकास अधिकारी, एसडीएम, थाना पुलिस को प्रार्थना पत्र दे चुके हैं। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच कर मुकदमा दर्ज कराने का भरोसा दिलाया।