फर्रुखाबाद। जनपद में सूखे जैसे आसार हैं। फसलों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। सिंचाई की चिंता में दुबले हो रहे किसानों की परेशानी अधिकारियों की कार्यशैली और बढ़ा रही है। वर्तमान में जिले में 128 राजकीय नलकूप बंद हैं। इसके बावजूद नलकूप विभाग बंद नलकूपों को चालू दिखाकर वाहवाही लूट रहा है।
जनपद में इस बार बारिश काफी कम हुई है। जून में 8.3, जुलाई में 14.26 व अगस्त में औसतन बारिश 39.33 मिलीमीटर (मिमी) रिकार्ड की गई है। तीनों महीनों को मिलाकर प्रतिमाह बारिश का औसत 20.63 मिमी रहा। ऐसे में फसलें बचाने के लिए किसानों के पास राजकीय नलकूप का ही सराहा है।
जिले में 315 राजकीय नलकूप हैं। इनमें से आधे बंद पड़े हैं, लेकिन विभाग की फाइलों में अधिकांश चालू हैं। जो नलकूप चालू हैं, वह भी मौके पर बंद और झाड़ियों से ढके हुए हैं। जिम्मेदार इन्हें चालू कराना तो दूर, सफाई कराना भी मुनासिब नहीं समझते। कई नलकूपों की नालियां टूट गई हैं तो कई के पानी के हौज क्षतिग्रस्त हैं। किसी की मोटर खराब है तो कोई बिजली के कारण बंद है।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक अगस्त में बनी सूची के अनुसार मोहम्मदाबाद क्षेत्र में सर्वाधिक 141 राजकीय नलकूपों में 85 बंद हैं। कमालगंज क्षेत्र में तीन व कायमगंज क्षेत्र में 40 नलकूप ठप हैं। इनमें अधिकांश नलकूप महीनों से पानी नहीं दे रहे हैं। अधिशासी अभियंता नलकूप शशांक कुमार के सीयूजी मोबाइल पर कई बार फोन किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।
वर्कशॉप में रिपेयर हो रहीं 16 मोटर
बेवर रोड स्थित विभाग की वर्कशॉप में 16 खराब मोटर बनने के लिए पड़ी हैं। इनमें नलकूप संख्या एफजी 30, 226, 249, 273, 199, 261, 312, 141, 258, 266 व 263, 12 और कायमगंज क्षेत्र की नलकूप संख्या केएमजे 62 व 174 की मोटर हैं। मोटर खराब होने से यह नलकूप बंद हैं। वर्कशॉप के अवर अभियंता सूर्यप्रकाश भारद्वाज ने बताया कि शुक्रवार को नलकूप संख्या एफजी 33 व शनिवार को एफजी 94 की मोटर बनकर जा चुका है। एक दिन में अधिकतम दो मोटर ही बनाई जा सकती हैं।
मोहम्मदाबाद क्षेत्र के गांव मदनपुर स्थित नलकूप संख्या-50 एफजी तीन माह से खराब है। नलकूप झाड़ियों से पूरी तरह ढका हुआ है। गांव ऊगरपुर गोड़ा में सड़क किनारे लगा नलकूप छह माह से बंद है। किसान फसलों की सिंचाई निजी नलकूप या किराये के नलकूप से करने पर मजबूर हैं।
किसानों ने बताई परेशानी
गांव रामदत्त नगर निवासी संतोष ने बताया कि आलू की कच्ची फसल बोने की तैयारी कर रहे हैं। बारिश न होने से खेत सूखे पड़े हैं। राजकीय नलकूप संख्या-50 एफजी खराब होने से सिंचाई का साधन भी नहीं है। इससे उन्हें आलू की बुआई की चिंता सता रही है।
बादाम सिंह
गांव गोडा निवासी बादाम सिंह ने बताया कि नलकूप नंबर-51 एफजी छह माह से खराब है। वहां पर उनकी धान की फसल खड़ी है। कई बार शिकायत के बावजूद सुनवाई नहीं हुई। इससे वह निजी नलकूप से सिंचाई कर रहे हैं।
कराई जाएगी जांच
जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने बताया कि बंद नलकूपों की जांच कराई जाएगी। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को राजकीय नलकूपों का सत्यापन कराकर 24 घंटे में रिपोर्ट मांगी है।