फर्रुखाबाद। अब जनपद के गांवों में भी 300 वर्गमीटर से बड़े क्षेत्रफल वाले भवन निर्माण के लिए नक्शा पास कराना होगा। जिला पंचायत को नक्शा पास करने के लिए शासन से सहमति मिल गई है। अब इस प्रस्ताव पर लोगों की आपत्तियां ली जाएंगी। अगले माह से नई व्यवस्था लागू होने की उम्मीद है। नक्शा पास कराने पर ग्रामीणों को बैंक से ऋण मिलने में आसानी होगी। गांवों में भी व्यवस्थित विकास हो सकेगा।
गांवों में भी ऊंचे व बड़े भवनों के निर्माण से पूर्व नक्शा पास कराने की व्यवस्था का प्रस्ताव जिला पंचायत ने तैयार किया था। जिला पंचायत ने शासन की मंजूरी के लिए प्रस्ताव भेजा था। इस पर मंडलायुक्त (कानपुर मंडल) ने सहमति दे दी है। बड़े जनपदों के ग्रामीण क्षेत्रों में यह नियम लागू हो चुका है।
अब जिले में भी अगले माह से नई व्यवस्था लागू होने की संभावना है। भवन के अलावा प्लाटिंग करने से पहले भूखंड का ले-आउट पास कराना होगा। इस पर 10 रुपये प्रति वर्ग मीटर का शुल्क चुकाने के साथ ही तकनीकी मानक भी पूर्ण करने होंगे। इंजीनियर मौके पर सत्यापन करने के बाद ले-आउट पास करेंगे।
300 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल होने पर आवासीय व शैक्षिक भवन के लिए 25 रुपये प्रति वर्गमीटर और व्यावसायिक भवन का नक्शा पास कराने पर 50 रुपये प्रतिवर्ग मीटर का शुल्क तय किया गया है। बिना नक्शा पास कराए निर्माण अवैध माना जाएगा।
इन भवनों का बनेगा नक्शा
ग्रुप हाउसिंग, शॉपिंग माल, शॉपिंग सेंटर, व्यावसायिक केंद्र, होटल, बैंक, सिनेमा, गोदाम, उच्च शैक्षणिक संस्थान, धर्मकांटा, पेट्रोल पंप, क्रीड़ा व मनोरंजन कांप्लेक्स, बस स्टेशन, कार्यशाला, मुर्गी फार्म, एटीएम आदि भवनों का निर्माण नक्शा पास होने के बाद ही हो सकेगा। इसमें पार्किंग, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, अग्निशमन यंत्र आदि के भी मानक पूरे करने होंगे। फ्लोर एरिया रेश्यो (एफएआर) के हिसाब से ऊंचाई भी निर्धारित की गई है।
इन भवनों के लिए नहीं बनवाना होगा नक्शा
300 वर्ग मीटर क्षेत्रफल तक के दो मंजिला आवासीय भवनों के लिए नक्शा बनवाने की जरूरत नहीं होगी। हालांकि तीसरी मंजिल का करने पर नक्शा पास करवाना होगा। इसके अलावा पुराने व पैतृक आवासों पर भी नई व्यवस्था लागू नहीं होगी। प्लास्टर फर्श की मरम्मत, पूर्व स्थान पर छत निर्माण, दैवी आपदा से क्षतिग्रस्त हिस्से का पुनर्निर्माण व मिट्टी खोदने या गड्ढा भरने पर भी नये नियम लागू नहीं होंगे।
नई व्यवस्था की जानकारी के लिए कार्यशाला कराई जाएगी। ब्लाक व ग्राम पंचायत स्तर पर प्रचार-प्रसार होगा। इसके साथ ही आपत्तियां मांगी जाएंगी। आपत्तियों का निस्तारण होने के बाद शासनादेश जारी होगा। इसके बाद नई व्यवस्था के तहत नक्शा बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि नवंबर के अंतिम सप्ताह तक नई व्यवस्था लागू होने की उम्मीद है।
नरेंद्र पाल सिंह, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत