फर्रुखाबाद। ससुरालियों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराने वाली विवाहिता खुद फंस गई है।
न्यायिक मजिस्ट्रेट कक्ष संख्या पांच कुुंवर जितेंद्र प्रताप सिंह ने साक्ष्य के अभाव में दहेज उत्पीड़न के मुकदमे के आरोपी पति समेत पांच लोगों को दोषमुक्त कर दिया है।
मिथ्या साक्ष्य देने में मुकदमा लिखाने वाली विवाहिता के खिलाफ प्रकीर्णवाद दर्ज कर नोटिस जारी किया है।
शहर के मोहल्ला छपट्टी साहबगंज सधवाड़ा निवासी मुस्कान साध ने पति प्रतीक साध, सास रश्मी साध, ससुर अमित रुतबा साध, बुआ संगीता साध व फूफा विनोद साध के खिलाफ कोर्ट में दहेज उत्पीड़न का परिवाद दर्ज कराया था।
इसमें कहा कि उसकी शादी 13 अप्रैल 2014 को प्रतीक के साथ हुई थी। शादी के बाद ससुरालीजन दहेज में कार की मांग को लेकर उसको प्रताड़ित करने लगे।
15 नवंबर 2017 को मारपीट कर घर से निकाल दिया। पीड़िता के बयान दर्ज होने के बाद आरोपियों को कोर्ट में तलब किया गया।
आरोपियों ने दहेज उत्पीड़न के मुकदमे में जमानत कराई। मुकदमे की सुनवाई के दौरान पीड़िता मुस्कान ने जो साक्ष्य दिए, वह मिथ्या (गलत) साबित हुए।