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Farrukhabad News: बाढ़ पीड़ितों को राहत नहीं, जलभराव बना मुसीबत

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संवाद न्यूज एजेंसी
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फर्रुखाबाद/अमृतपुर। नरौरा बैराज से छोड़े जाने वाले पानी में सोमवार को भले ही एक लाख क्यूसेक की कमी आई हो, मगर पांचाल घाट पर मीटर गेज स्थिर है। अभी भी गंगा खतरे के निशान से 15 सेमी ऊपर बह रही हैं। बाढ़ पीड़ितों को राहत नहीं मिल रही है। जलभराव में सड़ांध के चलते बीमारियां भी पैर पसारने लगी हैं। घरों, सड़कों पर कैद लोगों का जीवन संकट में है। शहर के मोहल्ला कांशीराम कालोनी में पांचवें दिन भी किसी ने राहत सामग्री पहुंचाने की जरूरत नहीं समझी। लोगों को दो वक्त की रोटी मिलना भी मुश्किल हो गई है।
गंगा की बाढ़ के चलते अंबरपुर की मडैया, उदयपुर, कंचनपुर, करनपुर घाट, मंझा, ऊगरपुर, हरसिंहपुर कायस्थ सैदापुर आदि कई गांवों को जाने वाले रास्ते बंद हैं। घरों में चार-चार फीट पानी भरा होने से लोग छतों पर समय गुजार रहे हैं। सबसे अधिक दिक्कत कच्चे मकानों और झोपड़ी में रहने वाले गरीबों के सामने है। तमाम लोग सड़कों और ऊंचे स्थानों की ओर चले गए हैं। वहां न तो रोशनी है और न ही खाने-पीने का इंतजाम। प्रशासन सहायता के नाम पर खानापूरी कर रहा है। गांव के सुधीर, रामचंद्र, सर्वेश कुमार, दीपक, लाल सहाय आदि ने बताया कि घरों में कैद होने से कमाने भी नहीं जा पा रहे हैं। परिवार का पेट पालना मुश्किल हो गया है।
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सोमवार को गंगा में नरौरा बांध से 1,14, 809 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। पानी में करीब एक लाख क्यूसेक की कमी आने से मंगलवार से जलस्तर घटने की उम्मीद जगी है। फिलहाल खतरे के निशान 137.10 मीटर से 15 सेमी ऊपर गंगा स्थिर हैं। रामगंगा का जलस्तर भी लगातार घट रहा है। 135.45 मीटर से कम होकर 135.35 मीटर पर है।


चार गांवों में राहत सामग्री बांटने का दावा
तहसीलदार कर्मवीर सिंह ने बताया कि करनपुर घाट में 190, मंझा में 81, सुंदरपुर में 150, राजाराम की मडैया में 150 लोगों को राहत सामग्री दी गई। बाढ़ से पीड़ितों की सूची लेखपालों से मांगी गई है। सभी गांव में राहत सामग्री वितरण कराई जा रही। कोई भी बाढ़ पीड़ित भूखा नहीं रहेगा।
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फोटो- 40,

बाढ़ में बहे दो युवक, मौत
अमृतपुर। गंगा में आई भयानक बाढ़ के बाद बदायूं मार्ग पर चित्रकूट गांव की डिप पर करीब चार से पांच फीट पानी बह रहा है। तेज बहाव के चलते आवागमन बंद करने के लिए एसडीएम गजराज सिंह ने थानाध्यक्ष राजेपुर को पत्र भेजकर डिप के दोनों पुलिस बल लगाने के आदेश दिए थे। इसके बाद भी किसी की ड्यूटी नहीं लगाई गई। अनजान लोगों को दूसरे रास्ते की जानकारी न होने की वजह से वह तेज बहाव से निकलने को मजबूर हैं। डिप पर पुलिस बल तैनात होता, तो दोनों युवकों को तेज बहाव में घुसने से रोका जा सकता था। यही नहीं दूसरे रास्ते से सुरक्षित गंतव्य तक जा सकते थे।
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गंगा की बाढ़ ने किसानों को किया बर्बाद
कंपिल। क्षेत्र के गांव पथरामई, शेखपुर, दुदेमई, कारव, जात नगला, सिग्नपुर, इकलहरा, शाहपुर, गंगपुर, बिहारीपुर, बौरा, दया माखी पूंथर आदि 30 से अधिक गांवों में पानी भरा है। मकान पानी से लबालब हैं। लिहाजा लोग छतों और ऊंचे स्थानों पर समय काट रहे हैं। कई-कई किमी दूर तक जल ही जल नजर आ रहा है। खेतों में खड़ी लाखों रुपये की फसलें बर्बाद हो गई। दुदेमई के पप्पू ने बताया कि उनकी 10 बीघा मूंगफली थी। इसमें 35 हजार रुपये लागत लगाई थी। तैयार फसल बाढ़ ने बर्बाद कर दी। बीते दिनों एसडीएम यदुवंश कुमार वर्मा और तहसीलदार संतोष कुमार कुशवाहा ने गांवों में पहुंचकर राहत पहुंचाने की बात कही, मगर अभी तक सुध नहीं ली गई। जानवर भी परेशान हो रहें हैं।

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चार किसानों की झोपड़ी गंगा में समाई

शमसाबाद। गंगा किनारे बसे समैचीपुर चितार के केशर खां, सनीम मोहमद, रुकनुद्दीन, रईसुद्दीन की झोपड़ियां रविवार देर रात गंगा में बह गईं। काफी प्रयास के बाद सामान को बाहर निकाला जा सका। किसानों ने नाव न चलने का आरोप लगाया। गांव के नईम ने बताया कि प्रशासन ने कई नाविकों को नावें दी हैं, मगर उन्होंने अपने कब्जे में लेकर खड़ा करवा दिया है। उनका ग्रामीणों को कोई फायदा नहीं मिल रहा है।
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बाढ़ पीड़ितों को नहीं मिली राहत सामग्री

शमसाबाद। बाढ़ क्षेत्र के गांव पैलानी दक्षिण में आज तक न तो किसी अधिकारी ने जायजा लिया और न ही बाढ़ राहत सामग्री भेजी गई। जबकि कुछ दूरी पर बसे चितार और कमथरी के बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री दी गई। लेखपाल सनोज कुमार और कानूनगो पवन सिंह ने 50 परिवारों को राहत सामग्री देने का दावा किया। कमथरी के 10 परिवारों के नाम लेखपाल ने लिस्ट से काट दिए हैं। लेखपाल सनोज कुमार ने बताया कि 50 लोगों की राहत सामग्री आई थी। कुछ लोग छूट गए, उनके नाम भेज दिए गए हैं। कमथरी के लोगों को राशन बांटा गया। इसकी सूचना गांव पैलानी दक्षिण के पीड़ितों को हुई, तो ग्रामीणों ने भेदभाव का लगाया। ग्राम प्रधान जुबैर खान ने बताया कि गांव में बाढ़ राहत सामग्री वितरण करने की लिस्ट बनाई जा रही है। जल्द अधिकारी राहत देंगे।
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