फर्रुखाबाद। समाजवादी पार्टी में गुटबाजी आम होने लगी है। लोकसभा चुनाव संचालन की जिला और विधानसभा स्तरीय समितियों में पिछले महीने ही महासचिव बनाए गए जहान सिंह लोधी और पिछ़ड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव मोहम्मद यूनुस अंसारी को स्थान नहीं दिया गया।
यही नहीं महानगर अध्यक्ष ने जिलाध्यक्ष पर सार्वजनिक रूप से कई गंभीर आरोप लगाए। कहा कि चाटुकारों को तरजीह देने की वजह से लोग पार्टी छोड़ने को मजबूर हैं।
सपा के जिला प्रभारी मोहम्मद इरफानुल हक कादरी, विनीत कुशवाह और जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव ने संयुक्त रूप से लोकसभा चुनाव के लिए इंडिया गठबंधन की लोकसभा क्षेत्र और विधानसभा क्षेत्रों की चुनाव संचालन समितियों की घोषणा की थी। इसमें कई नेताओं को दोनों समितियों में शामिल किया गया है। मगर पिछले महीने ही महासचिव बनकर आए जहान सिंह लोधी को स्थान नहीं दिया गया। इसके अलावा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव मोहम्मद यूनुस अंसारी को भी किसी समिति में नहीं लिया गया।
महानगर अध्यक्ष राघव दत्त मिश्रा ने जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जिलाध्यक्ष काम करने वाले मेहनती कार्यकर्ताओं से नहीं मिलते। व्यक्तिगत लाभ दिलाने वाले चार-पांच चाटुकारों के बीच में फंसे हैं। सम्मानित कार्यकर्ता अपने को उपेक्षित महसूस कर रहा है। चुनाव के वक्त पार्टी की अंदरूनी कलह नुकसान पहुंचाने के लिए काफी है।
जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव ने बताया कि जहान सिंह लोधी की तबीयत ठीक नहीं है। स्वस्थ होते ही शामिल हो जाएंगे। महानगर अध्यक्ष अभी युवा हैं। नया खून है। हर कार्यकर्ता का सम्मान करता हूं। पार्टी के अंदर की बात है। सब ठीक हो जाएगा।