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Farrukhabad News: मेरी गोदी का इकलौता लाल उजाड़ दिया...

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संवाद न्यूज एजेंसी
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फर्रुखाबाद। रिषभ की मौत की सूचना पर पहुंची मां सुमन पांडेय बेहाल रहीं। वह रह-रह कर बेहोश हो जाती थीं। अस्पताल की मॉर्च्युरी के बाहर स्ट्रेचर पर रखे बेटे के शव पर लेट जातीं और हाथ-पैर सहलाती। वह बार-बार कहती रहीं कि मेरी गोदी का लाल उजाड़ दिया। बहुत परेशान करते थे काॅलेज के लोग। वह होली के बाद घर तक नहीं गया। जब भी बात करो, तो काॅलेज के लोगों पर परेशान करने की बात कहता था।



रिषभ के पिता अशोक पांडेय मूल रूप से बिहार के निवासी हैं। वह 2005 से 2010 तक दिल्ली में रहे। इसके बाद वह गोरखपुर में शिफ्ट हो गए। अशोक की बड़े ठेेकेदारों में गिनती है। वह झारखंड प्रांत के धनबाद में काम के लिए गए हैं। दुर्घटना की सूचना पर रिषभ की मां सुमन, मामा अजय दुबे, फूफा शशिरंजन पांडेय रविवार दोपहर लोहिया अस्पताल पहुंचे। दोपहर करीब 12 बजे शव मॉर्च्युरी से निकाला गया। शव देखते ही छात्र-छात्राओं में चीख पुकार मच गई। मां सुमन इकलौते लाडले को स्ट्रेचर पर देख बेहोश सी हो गईं। मां ने सिसकियां भरते हुए कहा कि शनिवार रात करीब साढ़े आठ बजे रिषभ से फोन पर बात हुई थी। वह स्कूल में दबाव होने की बात कह रहा था। इतनी बड़ी घटना को अंजाम देगा, इसका तनिक भी आभास नहीं था। काॅलेज के लोग बहुत परेशान करते थे। वह आत्महत्या नहीं कर सकता।
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फाइन और भविष्य खराब होने की प्रताड़ना से छात्र पीड़ित
अस्पताल में आए छात्रों ने आरोप लगाया कि कॉलेज का हर छात्र पीड़ित है। तरह-तरह के फाइन लगाकर छात्रों पर मोटी रकम निकाली जाती है। एक बार हॉस्टल ले लिया, तो पूरे पांच साल की फीस वसूल की जाती है। जो नहीं देगा उसे परीक्षा में दिक्कत होना तय है। छात्र मानसिक रूप से परेशान हैं।



प्रेम प्रसंग की भी आशंका



स्कूल प्रशासन के कर्मचारी भी लोहिया अस्पताल में मुस्तैद रहे। बिना नाम बताए उनका कहना था कि मामला प्रेम प्रसंग का लग रहा है। मोबाइल की काॅल डिटेल आने पर मामला उजागर हो जाएगा।
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फोरेंसिक टीम ने पहुंचकर लिए नमूने



रात में हुई घटना के दूसरे दिन रविवार शाम पहुंची फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। प्रत्यक्षदर्शी छात्रों से घटना की जानकारी ली। पुलिस के साथ टीम के सदस्यों ने टंकी पर चढ़कर भी घटनास्थल भी देखा।
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