संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। पुलिस लाइन में बने सरकारी आवासों में काई जम गई है। बारिश में छतों से पानी टपकता है। 24 घंटे जनता की सेवा में तत्पर रहने वाले पुलिस कर्मियों के परिजन परेशान हैं। अनुशासन के महकमे में पुलिस कर्मी शिकायत करने से भी घबराते हैं। इससे कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र में स्थित पुलिस लाइन अंग्रेजों के समय में बनी थी। पुलिस लाइन का क्वार्टर गार्ड का भवन करीब 120 वर्ष पुराना है। उसके ठीक सामने पुलिस कर्मियों के टाइप वन, टू, थ्री के आवास भी 70 वर्ष से अधिक पुराने हो चुके हैं। शहीद स्थल व कैंटीन के सामने बने आवास भी पचास वर्ष पुराने हो चुके हैं। लाइन में 400 आवास व छह बैरक हैं। ग्रामीण इलाकाें के थाने में तैनात पुलिस कर्मी सप्ताह व एक पखवाड़ा पूरा होने पर ही परिजनों से मिल पाते हैं। जर्जर हो चुके आवासों पर काई जमी हुई है। छज्जे व बालकनी में सरिया बाहर निकल आई है।
बरसात में छतों से पानी टपकने से कीमती सामान खराब होने का खतरा रहता है। घरों के बाहर गंदगी के ढेर लगे हैं। इससे बीमारियां फैलने की आशंका रहती है। आई फ्लू का दौर चल रहा है। कई पुलिस कर्मियों के परिवार उसका दंश झेल रहे हैं। अनुशासन के महकमे में परिजनों के ताने के बाद भी पुलिस कर्मी शिकायत करने से घबराते है। कैंटीन के सामने ब्लाक के कई आवासों में छतों से पानी टपकने से लोग परेशान हैं। शिकायत करने से अधिकारी नाराज न हो जाएं, इससे पुलिस कर्मी अपना दर्द भी दबी जुबान से बता रहे हैं।
एक ही ठेकेदार से काम कराने का है नतीजा
पुलिस लाइन में कई वर्ष से एक ही ठेकेदार व उसके दो रिश्तेदारों की फर्म को ठेका दिया जाता है। पुलिस लाइन में तीन वर्ष पहले छतों की मरम्मत कराने का ठेका हुआ था। ठेकेदार ने कुछ आवासों की छतों की ही मरम्मत कराकर औपचारिकता पूरी कर दी। नतीजा यह रहा कि अब भी पुलिस कर्मी छतों से पानी टपकने से परेशान हैं। खास बात तो यह है कि जेम पोर्टल से खरीदारी का ठेका भी एक ही ठेकेदार व उसकी फर्म को दिया जाता है।
आवासों की छताें की सफाई का काम चल रहा है। छताें से पानी टपकने की बात सही है। सूचना मिलने पर नियमित मरम्मत कराई जाती है। पुलिस लाइन में काम चलता रहता है।
अविचल पांडेय प्रतिसार निरीक्षक