संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। अवहेलना करने पर एसीजेएम ने मोहम्मदाबाद कोतवाल को कस्टडी में लेने के आदेश दिए। काफी देर बाद 10 हजार के व्यक्तिगत बंधपत्र पर उनको रिहा किया गया। कोर्ट ने जानलेवा हमले के मुकदमे के विवेचक के खिलाफ प्रकीर्ण वाद दर्ज करने के आदेश दिए।
मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव नगला रामकिशन निवासी प्रमोद कुमार ने 8 जून 2016 को सकटे उर्फ सेट्ठी, बृजेश, निर्मल उर्फ रवि, सुधाकर व एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें आरोप लगाया कि 7 जून 2016 को भाई प्रवेश कुमार व गांव के लोकेश के साथ भागवत सुनकर आ रहा था। रास्ते में इन लोगों ने घेरकर जानलेवा फायरिंग की थी। गोली लगने से प्रवेश व लोकेश घायल हो गए। प्रमोद बाल बाल बच गया था।
मुकदमे की विवेचना तत्कालीन दरोगा जितेंद्र यादव (वर्तमान में बिजली विभाग विजिलेंस जनपद जालौन में तैनात) कर रहे थे। आरोप पत्र के संबंध में कोर्ट ने इंस्पेक्टर मोहम्मदाबाद व एसपी को आठ फरवरी तक स्पष्टीकरण देने के आदेश दिए थे।
अवहेलना करने पर कोर्ट ने कोतवाल मोहम्मदाबाद को सात दिन जेल भेजने की चेतावनी देकर 12 फरवरी को तलब किया था। सोमवार को इंस्पेक्टर मोहम्मदाबाद मनोज भाटी कोर्ट में प्रस्तुत हुए। कोर्ट ने अवहेलना करने पर उनको कस्टडी में लेने के आदेश दिए। याचना करने पर 10 हजार के व्यक्तिगत बंधपत्र पर रिहा किया। विवेचक जितेंद्र यादव के खिलाफ प्रकीर्ण वाद दर्ज कर नोटिस जारी करने के आदेश दिए। कोतवाल को जितेंद्र सिंह का लिखित स्पष्टीकरण लेने का आदेश देकर एक सप्ताह के अंदर केस डायरी मय आरोप पत्र के दाखिल करने के आदेश दिए।