फर्रुखाबाद। नगर पालिका परिषद की जमीन पर मऊदरवाजा थाना पुलिस ने कब्जा करने की नीयत से बाउंड्रीवाल बनवाना शुरू कर दी है। किरायेदार की शिकायत पर ईओ ने थानाध्यक्ष से जमीन पर पड़ा मलबा हटाने का आग्रह किया, मगर निर्माण कार्य नहीं रोका गया। किराएदार जिलाधिकरी के दरबार में पहुंचा। उसका 2024 तक का किराया भी जमा है।
मऊदरवाजा थाने के पास बहादुरगंज कालाबाग में नगर पालिका की 60 गुणा 40 यानी 4200 वर्गफीट भूमि पड़ी है। यह भूमि पालिका ने कायमगंज के पितौरा निवासी रुबाब पुत्री मोहम्मद सलीम खां को किराये पर दे रखी है। इस जमीन पर थाने का कबाड़ जमा रहता था। बीते दिनों पुराने भवनों को गिराकर उसका मलबा डाल दिया गया था। किरायेदार ने इस जमीन पर काम शुरू करने के लिए खाली कराने का नगर पालिका से आग्रह किया, तो ईओ रविंद्र कुमार ने 13 सितंबर को मऊदरवाजा थानाध्यक्ष के नाम पत्र लिखकर मलबा हटाकर कब्जा मुक्त करने का आग्रह किया। इसी के बाद थाना पुलिस ने उस जमीन पर नई और पुरानी ईंटों से पक्का निर्माण कार्य शुरू करवा दिया। नाला सिम्त सुमाल निवासी अराफात ने डीएम को पत्र दिया। इसमें कहा कि कालाबाग में किराये की जमीन पर थाना पुलिस ने मलबा डालकर बाउंड्रीवाल शुरू कर दी है। उसका किराया भी अगली साल तक का पालिका में जमा है। उसने कहा कि सर्वेयर जब थाने में बताने गए, तो उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। सर्वेयर अपनी रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख किया है।
-जिस जमीन पर थाना बना है, उसका रकबा 26 बीघा है। नींव वाली जमीन होमगार्ड का प्रशिक्षण केंद्र था। बंद होने के बाद यह इस पर वाहन आदि खड़े होने लगे। पुराने कागजों में यह जमीन कैसरे हिंद यानी केंद्र सरकार के नाम दर्ज है। इस पर किसी सिंधी सेठ की आलू फैक्ट्री थी। वह छोड़कर चले गए तो केंद्र सरकार के नाम हो गई। जाकिर हुसैन ट्रस्ट की लीज भी 2025 में खत्म हो रही है। नगर पालिका का कोई हक नहीं है। जमीन की कीमत बढ़ती देख फर्जीवाड़ा करके करीब 20 साल पहले किराया दिखाया गया है। थाना जमीन का उपयोग जनहित में करेगी।
-आमोद कुमार सिंह, थानाध्यक्ष मऊदरवाजा।