फर्रुखाबाद। मौसम विभाग ने दो मई तक का अलर्ट जारी किया है। घने बादलों से घिर गया है। खेतों में गेहूं की फसलें पड़ी हैं। मक्का की फसलें भी काफी बड़ी हो गईं। तेज हवा के साथ बारिश होने पर मक्का भी खेतों में गिर जाएगी। इससे बड़ा नुकसान होने की आशंका से किसान चिंतित है।
शनिवार दोपहर बाद से आसमान पूरी तरह घने बादलों से घिर गया है। तापमान में भी खासी गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 32 और न्यूनतम 23 डिग्री दर्ज किया गया। आसमान में बादल घिरने से किसान चिंतित हो गए। अभी भी बड़ी संख्या में खेतों में गेहूं के बोझ बंधे पड़े हैं। किसान थ्रेशर से कटवा नहीं सके। लिहाजा यदि बारिश होती है, तो गेहूं का बर्बाद होना तय माना जा रहा है।
जिले में नवाबगंज, अचरा, मेरापुर, कायमगंज, कमालगंज, मोहम्मदाबाद आदि कई क्षेत्रों में आलू किसान बड़ी मात्रा में मक्का की फसल करते हैं। खेतों में दो फीट से पांच फीट ऊंची तक मक्का की फसलें खेतों में खड़ी हैं। किसानों का कहना है कि यदि हवा के साथ बारिश होगी, तो यह फसल खेत में गिर जाएगी। लिहाजा इसका बर्बाद होना तय है। बेमौसम बारिश होने से पहले गेहूं में नुकसान हो चुका और अब मक्का पर बुरा वक्त मंडरा रहा है।
फूल वाली सब्जियों में होगा नुकसान
नेकपुर कला निवासी सब्जी किसान नेम सिंह शाक्य का कहना है कि यदि बारिश होती है, तो फूल वाली सब्जियों में भिंडी, तोरई, मिर्च, कद्दू के अलावा तरबूज व खरबूजा की फसलों में भारी नुकसान होगा। इससे सब्जियों में महंगाई आएगी।