फर्रुखाबाद। बरसात के मौसम में फाल्ट ठीक करने के दौरान लाइनमैन करंट की चपेट में आ रहे हैं। इसके बावजूद इन्हें विभाग से सुरक्षा किट मुहैया नहीं कराई जा रही है। आए दिन घटनाओं के बावजूद विभागीय अधिकारियों को खतरों से खेल रहे कर्मचारियों की कोई फिक्र नहीं है। दुर्घटना होने के बाद दिव्यांग होने पर विभाग इनसे पल्ला झाड़ लेता है।
जनपद में शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक 40 बिजली उपकेंद्र हैं। बिजली व्यवस्था संभालने के लिए इन पर 491 आउटसोर्स कर्मचारी तैनात हैं। इनमें 86 एसएसओ उपकेंद्रों पर रहकर काम कर रहे हैं। जबकि 405 लाइनमैनों में 135 प्रशिक्षित व 270 इनके हेल्पर हैं। इन दिनों भीषण गर्मी में बिजली की खपत बढ़ने के साथ फाल्ट भी अधिक हो रहे हैं। बारिश के मौसम में अक्सर खंभे में करंट उतरने की शिकायतें आ रही हैं। ऐसे में जर्जर तारों से चल रही बिजली व्यवस्था संभालना लाइनमैनों के लिए चुनौती है। इसके बावजूद खंभे पर नंगे पांव चढ़कर खतरों से मुकाबला करने वाले लाइनमैनों की सुरक्षा के लिए विभाग से कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। उन्हें विभाग से मिलने वाली सुरक्षा किट (हेलमेट, अर्थिंग चेन, सेफ्टी बेल्ट आदि) उपलब्ध नहीं कराई गई। इस कारण अक्सर लाइनमैन बिना सुरक्षा इंतजाम के ही खंभे पर चढ़कर फाल्ट ठीक कर रहे हैं।
सुरक्षा किट न होने से अक्सर लाइनमैन करंट की चपेट में आकर जान से हाथ धो लेते हैं, या फिर दिव्यांग हो जाते हैं। करीब तीन माह पूर्व शहर का लाइनमैन सलीम लिंजीगंज में काम करने के दौरान करंट की चपेट में आकर खंभे से गिरकर घायल हो गया था। इलाज के दौरान उसका हाथ काट दिए जाने से वह दिव्यांग हो गया। इसी सप्ताह कमालगंज में लाइनमैन झुलस कर घायल हो गया। जबकि मंगलवार को कंपिल क्षेत्र का लाइनमैन सोनू पाल करंट से झुलस गया। उसका उपचार चल रहा है। यह तीनों लाइनमैन बिना सुरक्षा उपकरणों के ही काम कर रहे थे। इससे पहले भी कई लाइनमैनों के साथ घटनाएं हो चुकी हैं।
आउटसोर्स कंपनी के सुपरवाइजर मयंक तिवारी ने बताया कि गत माह ही उनकी कंपनी का विभाग से अनुबंध हुआ है। कुछ लाइनमैनों को सुरक्षा किट दी गई है। शीघ्र ही सभी को उपलब्ध कराई जाएगी। अधिशासी अभियंता सुरेंद्र कुमार गौतम ने बताया कि आउटसोर्स कंपनी को शीघ्र ही लाइनमैनों को सुरक्षा किट वितरित करने के निर्देश दिए गए हैं।