फर्रुखाबाद। ग्रामीण की गोली मारकर हत्या के मामले में विशेष न्यायाधीश महेंद्र सिंह ने गवाह व साक्ष्यों के आधार पर तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
तीनों दोषियों को 70 हजार रुपये अर्थदंड जमा करने के आदेश दिए। अर्थदंड न जमा करने पर अतिरिक्त सजा के भी आदेश दिए हैं।
कमालगंज थाना क्षेत्र के गांव नगरिया निवासी इंद्रपाल ने गांव देवधरापुर निवासी विजय पाल, पंजाबी, रामपाल व रामदास के खिलाफ 25 सितंबर 2002 को मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें आरोप लगाया कि शिवपाल की मौत के बाद भतीजे नेतराम उर्फ नेता ने उसकी बेबा पत्नी से शादी कर ली। शिवपाल का भाई विजय पाल इस बात पर रंजिश मानने लगा।
25 सितंबर 2002 की सुबह विजयपाल के भतीजे नेतराम से कहासुनी हो गई थी। दोपहर बाद नेतराम उर्फ नेता, भाई नन्हेंलाल व मिजी लाल नलकूप पर जा रहे थे।
इस दौरान विजयपाल सहित चारों लोगों ने घेरकर फायरिंग की। इसमें गोली लगने से भाई नन्हेंलाल की मौत हो गई। विवेचक ने विजयपाल, पंजाबी, रामपाल व रामदास के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई के दौरान रामदास की मौत हो गई। मुकदमे की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश ने मंगलवार को विजयपाल, पंजाबी, रामपाल को गवाह व साक्ष्य के आधार पर दोषी करार किया था।
अभियोजन पक्ष की ओर से अशोक कटियार व अनुज प्रताप ने दलीलें दी थीं। गुरुवार को न्यायाधीश ने दोषी विजयपाल, पंजाबी, रामपाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। तीनों दोषियों को 70 हजार रुपये अर्थदंड जमा करने के आदेश दिए। अर्थदंड नहीं जमा करने पर अतिरिक्त सजा के भी आदेश दिए है।