फर्रुखाबाद। हत्या में दोषी पिता-पुत्रों सहित चार को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। चारों दोषियों को 50 हजार रुपये जुर्माना जमा करने के आदेश दिए गए। जुर्माना न देने पर दोषियों को छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के गांव नरसिंहपुर निवासी राम सिंह ने 20 अप्रैल 2015 को गांव के शेर सिंह, मोर सिंह, आनंद, वेदपाल के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें आरोप लगाया कि शेर सिंह की पत्नी बिट्टा देवी का भाई लालाराम की पत्नी कंठश्री से गली में गंदगी फैलाने को लेकर विवाद हो गया। शेर सिंह के परिवार के लोग झगड़ा करने पर आमादा हो गए। पुत्र देवेंद्र, प्रदीप, भाई की पत्नी कंठश्री, बेटी मीना, पुत्र अरविंद थाने में शिकायत करने जा रहे थे। रास्ते में शेर सिंह सहित चारों लोगों ने सभी लोगों को घेर लिया और लाठी-डंडों से मारपीट कर तमंचों से फायरिंग की। गोली लगने से देवेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। कंठश्री, मीना व प्रदीप गंभीर रूप से घायल हो गए थे। आसपास के ग्रामीणों के आने पर सभी लोग जान से मारने की धमकी देकर भाग गए।
विवेचक ने छानबीन के बाद शेर सिंह, मोर सिंह व शेर सिंह के पुत्रों आनंद, वेदपाल के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश राकेश कुमार ने गवाह व साक्ष्यों के आधार पर सोमवार को शेर सिंह, मोर सिंह, आनंद, वेदपाल को दोषी करार दिया। मंगलवार को न्यायाधीश ने दोषी पिता पुत्रों सहित चारों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और पचास हजार रुपये जुर्माना जमा करने का आदेश दिया। जुर्माना अदा न करने पर दोषियों को छह माह का अतिरिक्त कारावास का आदेश दिया है।