फर्रुखाबाद। प्रेमी युवक की हत्या कर शव बोरे में भरकर फेंकने के मामले में विशेष न्यायाधीश एससीएसटी महेंद्र सिंह ने दोषी प्रेमिका सहित पांच को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषियों पर तीस-तीस हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला जटवारा निवासी राधा देवी ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें आरोप लगाया था कि 19 सितंबर 2022 की शाम पुत्र सुमित (20) मोबाइल में गाना डलवाने की बात कहकर घर से गया। इसके बाद नहीं लौटा।
उसके मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया तो वह बंद था। 22 सितंबर 2022 को जौंरा मार्ग पर बोरे में युवक का शव मिला। 23 सितंबर को राधा देवी व परिजनों ने पोस्टमार्टम हाउस में शव की शिनाख्त सुमित के रूप में की। सुमित की गला घोटकर हत्या करने के बाद शव को बोरे में भरकर फेंका गया था। विवेचक ने छानबीन की तो मोहल्ले के ईद मोहम्मद, इरशाद, रूबीना, अनीसा व प्रेमिका निशा उर्फ नन्ही का नाम सामने आया।
निशा उर्फ नन्ही के बुलाने पर सुमित उसके घर गया था। जहां सुमित की हत्या कर शव बोरे में भरकर फेंक दिया गया। 18 नवंबर 2022 को विवेचक ने निशा सहित पांचों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
मुकदमे की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश ने गवाह व साक्ष्य के आधार पर 15 जनवरी को ईद मोहम्मद, इरशाद, रूबीना, अनीसा व नन्ही उर्फ निशा को दोषी करार दिया। गुरुवार को न्यायाधीश ने ईद मोहम्मद, इरशाद, रूबीना, अनीसा, नन्ही उर्फ निशा को उम्रकैद की सजा सुनाई। सभी दोषियों को 30-30 हजार रुपये अर्थदंड जमा करने के आदेश दिए।
अर्थदंड नहीं जमा करने पर दाेषियों को दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से अशोक कटियार व अनुज प्रताप सिंह ने दलीलें दीं।