फर्रुखाबाद। दिव्यांगों का फर्जी कैंप लगाकर धनराशि हड़पने के मुकदमे में एमपीएमएलए कोर्ट में पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद की पत्नी लुईस खुर्शीद सहित दो आरोपियों को कोर्ट में तलब किया गया है। सात वर्ष पहले आर्थिक अनुसंधान संगठन लखनऊ के इंस्पेक्टर ने कायमगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था।
आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन लखनऊ के इंस्पेक्टर राम शंकर यादव ने एक जून 2017 को डाॅ. जाकिर हुसैन ट्रस्ट के प्रतिनिधि प्रत्यूष शुक्ला व कई अन्य के खिलाफ कायमगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था।
इसमें आरोप लगाया था कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय केंद्र सरकार ने स्वैच्छिक संस्था डॉ. जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट को अनुदान धनराशि दी थी। इस धनराशि से दिव्यांग शिविर लगाकर उपकरण वितरित करने थे। जाकिर हुसैन ट्रस्ट की ओर से जो रिपोर्ट भेजी गई, उसमें अनियमितता पाई गई। जांच में उजागर हुआ कि संस्था को मंत्रालय से 71.50 लाख रुपये दिए गए। चार लाख रुपये की लागत से फर्रुखाबाद में शिविर लगाया गया। इसमें 32 दिव्यांगों को उपकरण वितरण किए जाने की सूची लगाई गई।
सत्यापन रिपोर्ट में तहसीलदार कायमगंज व मुख्य चिकित्साधिकारी के हस्ताक्षर व मुहर फर्जी पाई गई। विवेचक ने पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद की पत्नी व पूर्व विधायक लुईस खुर्शीद, अतहर फारुखी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
हाईकोर्ट से लुईस व अतहर फारुखी की अंतरिम जमानत मंजूर कर ली गई। 17 मार्च 2020 को हाईकोर्ट ने अंतरिम स्थगन आदेश लिस्टिंग की अग्रिम तिथि प्रभावी रखने का आदेश पारित किया गया।
26 जुलाई 2021 को एमपीएमएलए कोर्ट ने अतहर व लुईस को आदेश दिया कि हाईकोर्ट में लंबित जमानत प्रार्थनापत्र के अंतिम रूप से निस्तारण के संबंध में कोर्ट को शपथपत्र के माध्यम से अवगत कराए। इसके बाद भी कोर्ट में अभी तक इस संबंध में कोई शपथपत्र दाखिल नहीं किया गया। कोर्ट ने लुईस खुर्शीद व अतहर को 12 दिसंबर को तलब किया है।