फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया पुरुष अस्पताल के पीकू वार्ड में भर्ती पांच बच्चों की स्टाफ का अभाव बताकर अचानक छुट्टी कर दी गई। बच्चों के परिजन स्टाफ से गिड़गिड़ाते रहे, मगर उन्होंने डॉक्टर के आदेश बताकर कुछ भी बस में न होने की बात कह दी। मजबूर परिजन मायूस होकर अपने बच्चों को ले गए।
कोरोना काल में ठेके पर रखे गए स्टाफ से लोहिया अस्पताल का पीकू वार्ड चलाया जा रहा है। इसमें बच्चों को काफी अच्छा इलाज मिलता है। मंगलवार दोपहर स्टाफ नर्स अपूर्वा के पास बालरोग विशेषज्ञ का फोन आया। कहा कि सभी बच्चों की छुट्टी कर दो। स्टाफ ने परिजनों से कहा तो वह नाराज हो गए। उनसे कहा गया कि कल से कोई भी स्टाफ नहीं आएगा। लिहाजा यहां इलाज नहीं मिल सकता।
बढ़पुर मंदिर निवासी आकाश ने दो माह की बेटी अर्चिता को सोमवार को भर्ती किया। उसकी हालत में मामूली सुधार हुआ था कि घर जाने को कह दिया। आकाश ने बताया कि उनके दो बच्चे पहले खत्म हो चुके हैं। गरीबी में बच्ची को कहां लेकर जाएं। घोड़ा नखास के आमिर का 11 माह का पुत्र हैदर खान, नूरपुर के मोहित का पांच माह का पुत्र आर्यन, घोड़ा नखास के मोहम्मद इमरान का दो माह का पुत्र जोहान समेत पांच बच्चों की छुट्टी कर दी गई।
हालांकि स्टाफ की ड्यूटी रात आठ बजे तक की थी। सीएमएस डॉ. राजकुमार गुप्त ने बताया कि स्टाफ सीएमओ स्तर से रखा गया है। बीमार बच्चों को दिक्कत नहीं होने देंगे। पीडियाट्रिक वार्ड में भर्ती किए जाएंगे।