फर्रुखाबाद। प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद किसान सोलर पंप के लिए भटक रहे हैं। पांच माह पहले किसान पूरी धनराशि जमा कर चुके हैं, लेकिन किराये के नलकूप से पानी की सिंचाई करना उनकी मजबूरी है।
बिजली की बचत के साथ किसानों को फसल की सिंचाई के लिए बेहतर साधन उपलब्ध हों। इसके लिए प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत 60 प्रतिशत छूट पर सोलर पंप लगाए जा रहे हैं। वित्तीय वर्ष में जनपद में 201 सोलरपंप का लक्ष्य दिया गया। सोलर पंप की कुल लागत की 40 प्रतिशत धनराशि किसानों को जमा करनी होती है, जबकि 60 प्रतिशत रकम केंद्र व प्रदेश सरकार देती है। लक्ष्य के सापेक्ष किसानों ने जनवरी में आवेदन किया।
इसके बाद सोलर पंप की क्षमता के अनुसार 40 प्रतिशत पूरी धनराशि ऑनलाइन जमा कर दी। इससे किसानों को उम्मीद थी कि गेहूं की फसल में अपने सोलर पंप से सिंचाई करेंगे। लेकिन उनके सपने साकार नहीं हो सके। कई किसानों ने तो कर्ज लेकर पैसा जमा किया। निजी नलकूपों से किराये पर सिंचाई कर फसलें तैयार कीं। गर्मी की फसल में भी सोलर पंप न लग सके। किसान कृषि उपनिदेशक कार्यालय लकूला के चक्कर काट रहे हैं। किसानों का कहना है कि जब वह अधिकारियों से बात करते हैं तो टरकाने वाला जवाब मिलता है।
तीन एचपी के सर्वाधिक पंप
जनपद में सोलर पंप लगवाने के लिए 186 किसानों ने धनराशि जमा की। इसमें सर्वाधिक 95 किसानों ने तीन एचपी के सोलरपंप के लिए आवेदन किया है। इसके अलावा दो एचपी केे 28, पांच एचपी के 46, 7.5 एचपी के तीन व 10 एचपी के 10 किसानों ने सोलर पंप लगवाने के लिए धनराशि जमा की। इस हिसाब से सोलर पंप लगाने वाली कंपनी टाटा सोलर पावर के पास किसानों के करीब एक करोड़ 64 लाख रुपये जमा हैं।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
उप कृषि निदेशक अनिल कुमार यादव ने बताया कि एक ही कंपनी के पास पूरे प्रदेश का टेंडर है। इससे कंपनी किसानों को सोलर पंप की प्लेट तक उपलब्ध नहीं करा पा रही है। किसान पूछने के लिए उनके पास आते हैं। वह किसान को कंपनी के डिस्ट्रीब्यूटर का मोबाइल नंबर दे देते हैं। टाटा सोलर पावर कंपनी के डिस्ट्रीब्यूटर मोहित कटियार ने बताया कि शासन से सब्सिडी की धनराशि मिलने में विलंब हो रहा है। इसलिए दिक्कत आ रही है। अब तक करीब 50 किसानों के सोलर पंप लगा दिए गए हैं। शेष सभी किसानों के दो माह के अंदर सोलर पंप लगाकर काम पूरा करने की उम्मीद है।
क्षमता - किसान की धनराशि कुल लागत
दो एचपी - 58,853 - 1,44,526
तीन एचपी - 77,806 - 1,94,516
पांच एचपी - 1,09,255 - 2,73,137
7.5 एचपी - 1,48,850 - 3,72,126
10 एचपी - 1,85,722 - 4,64,304