अमृतपुर। भतीजे से कहासुनी के बाद चाचा का शव घर के बाहर पड़ा मिला। मां व भाइयों ने हत्या की आशंका जताई। वहीं, पिता ने जहर खाने के संबंध में तहरीर दी। पुलिस ने जांच कर शव काे पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
थाना क्षेत्र के गांव मंझा की मड़ैया निवासी भइयालाल राजपूत का पुत्र नीरज राजपूत (40) मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करता था। 10 वर्ष पहले नीरज की शादी राजेपुर थाना क्षेत्र निवासी राजकुमारी के साथ हुई थी। शादी के बाद उसके दो बेटियां हुईं। तीन वर्ष बाद राजकुमारी भाई राम सिंह के साथ ससुराल से मायके चली गई। तब से वापस नहीं आई। लगभग दो वर्ष बाद नीरज ने गांव की बेवा लक्ष्मी से दूसरी शादी कर ली। लक्ष्मी के पहले पति से चार बच्चे हैं।
रविवार रात गांव में भागवत चल रही थी। परिवार के लोग भागवत में गए थे। नीरज का लक्ष्मी देवी के जेठ ग्रीश के बेटे जितेंद्र से किसी बात पर विवाद हो गया। परिवार के लोग साढ़े दस बजे भागवत से वापस आए। नीरज का शव दरवाजे पर पड़ा था। उसके शरीर पर कोई जाहिरा चोट नहीं थी। मां कमला देवी व भाई मनोज, अर्जुन, मुनीब ने हत्या की आशंका जताई। सूचना पर पत्नी राजकुमारी भी मौके पर पहुंची।
पिता भइयालाल ने नीरज के जहर खाने के संबंध में तहरीर दी। एसओ मीनेश पचौरी व फाेरेंसिक टीम ने मौके पर जांच की। एसओ मीनेश ने बताया कि पिता ने जहर खाने के संबंध में तहरीर दी थी। पोस्टमार्टम हाउस के सूत्रों के अनुसार जहर की पुष्टि के लिए बिसरा सुरक्षित किया गया है।