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Farrukhabad News: 81 लाख में लैब तैयार, मशीनों व स्टाफ का इंतजार

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फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया पुरुष अस्पताल में 81 लाख रुपये से इंटीग्रेटेड हेल्थ लैब (सेंट्रल लैब) तैयार है। मुख्यमंत्री के हाथों लोकार्पण भी कराया जा चुका है, मगर अभी तक मशीनों और स्टाफ का इंतजार है। लिहाजा मरीजों को इसका फिलहाल कोई फायदा नहीं मिल पा रहा है।
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केंद्र और प्रदेश सरकार जिला अस्पतालों में मरीजों की सुविधा बढ़ाने में जुटी है, मगर इसे अमलीजामा पहनाने में लेटलतीफी की जा रही है। लोहिया अस्पताल में करीब डेढ़ माह पहले ही प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना के तहत 81 लाख रुपये खर्च कर अत्याधुनिक वातानुकूलित लैब तैयार हो चुकी है। इस लैब का दो दिन पहले मुख्यमंत्री के हाथों लोकार्पण भी करवा दिया गया। मगर अभी तक न तो एक भी मशीन आईं और न ही स्टाफ की व्यवस्था की गई है।
लोहिया पुरुष व महिला अस्पताल की लैब में सामान्य दिनों में 250 तक जांचें होती हैं, जबकि सीजन में इनकी संख्या 450 तक पहुंच जाती है। यह स्थिति तब है, जब फिलहाल लैबों में रोजाना मात्र चार घंटे ही नमूने लिए जाते हैं।
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सेंट्रल लैब बनने के बाद तीन शिफ्टें चलेंगी। इमरजेंसी से लेकर हरवक्त मरीजों को जांच की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। यही नहीं मरीजों को दूसरे दिन प्रिंट आउट लेने की जरूरत नहीं होगी। मोबाइल पर मैसेज से रिपोर्ट पहुंचेगी। इससे मरीजों के इलाज में काफी सहूलियत होगी, मगर अभी तक लैब चालू करने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई। लिहाजा मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

90 तरह की जांचों की सुविधा देने की तैयारी
सेंट्रल लैब में 90 प्रकार की जांचों की रिपोर्ट मिलने का दावा किया जा रहा है। इसमें 11 लैब टेक्नीशियन, एक माइक्रो बायोलॉजिस्ट, एक बायोकेमिस्ट के साथ पैथोलाॅजिस्ट की तैनाती होनी है। इसमें चिकनगुलिया, स्क्रबटाइफस, मलेरिया, एक्ट्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम, कालाजार, डायरिया, टीबी समेत संचारी रोगों से जुड़ीं जरूरी जांचें होंगी। इसके अलावा कैंसर, हृदय रोग, मधुमेह, गुर्दा, मोतियाबिंद, अल्जाइमर, आईडीएसपी, आरटीपीसीआर समेत अन्य सभी गैर संचारी रोगों की जांचें की जा सकेंगी।

बीएसएल-2, पुरानी लैब का स्टाफ से काम लेने की तैयारी
लोहिया अस्पताल में सीएमओ के अधीन बीएसएल-2 लैब के अलावा पुरानी लैब भी चल रही है। उसमें तैनात लैब टेक्नीशियन समेत अन्य स्टाफ से भी काम कराने की योजना बनाई जा रही है। फिलहाल नई मशीनों का इंतजार किया जा रहा है। लिहाजा मरीजों को फायदा नहीं मिल रहा।
-भवन का निरीक्षण हो गया है। तकनीकी रिपोर्ट अभी नहीं आई है। मशीनों और स्टाफ का इंतजार किया जा रहा है। फिलहाल अपने पास उपलब्ध मशीनों और स्टाफ से काम शुरू करवा देंगे।
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-डॉ. राजकुमार गुप्त, सीएमएस, लोहिया पुरुष अस्पताल
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