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साहब के आवास पर सफाई कर्मी, गांवों की सड़कों पर बह रहा नाले का पानी

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फोटो-7 संवाद न्यूज एजेंसी फर्रुखाबाद। कोरोना संकट काल में स्वच्छता पर अधिकारी पूरा जोर लगा रहे हैं। सभी को स्वच्छता का पाठ पढ़ा रहे हैं। पर सच्चाई इसके उलट है। गांव में सफाई करने वाले करीब कुछ कर्मचारी अधिकारियों के आवासों पर काम कर रहे हैं। कुछ तो कार्यालयों में बाबूगीरी करने में जुटे हैं। गांवों नालियां साफ न होने से पानी सड़कों पर बह रहा है। इससे लोगों का जीना दुश्वार हो रहा है। जनपद में 1002 राजस्व गांव हैं। पर पंचायती राज विभाग में सफाई कर्मी 995 हैं। सभी की तैनाती ग्राम पंचायतों में है। पर इनमें से करीब 70 सफाई कर्मी ऐसे हैं जो साहब के कार्यालय से आवास तक सेवा दे रहे हैं। कुछ सफाई कर्मियों के पास दो-दो गांवों की जिम्मेदारी है। कुछ तो गांवों में जाते ही नहीं हैं। वह प्रधान व ग्राम पंचायत सचिव की कृपा से पूरा वेतन ले रहे हैं। जबकि पंचायती राज निदेशक किंजल सिंह ने अधिकारियों को कोरोना महामारी के बीच सभी सफाई कर्मियों को तैनाती स्थल पर भेजकर सफाई कराने के निर्देश दिए थे। पर जनपद के अधिकारियों पर इसका असर नहीं दिखाई दिया।  गांव जीरा गौर में सड़क बन गई नाला, निकलना मुश्किल संवाद न्यूज एजेंसी कमालगंज। विकास खंड की 118 ग्राम पंचायतों में 201 सफाई कर्मचारी नियुक्त हैं। इसके बाद भी कई गांव के लोग गंदगी के साम्राज्य में घिरे हैं। गांव जीरागौर में सीसी रोड पर काफी दिनों से नाला बह रहा है। पानी जब कुछ सूख जाता है तो वह नाली की गाद के रूप में तब्दील हो जाता है। जो लोग सड़क से निकले, उन्हें नाली के पानी व दलदल में फिसलकर गिरने का डर बना रहता। जो पैदल राहगीर नाले की तीन फीट ऊंची दीवार के ऊपर चलते हुए निकलते, उन्हें दीवार कम चौड़ी होने से नीचे गिरने का डर रहता है। गांव की अन्य गलियों में न झाड़ू लगती और न ही नालियों की सफाई होती। ग्राम प्रधान असदमियां के पुत्र शीबू ने गांव में गंदगी को लेकर यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि सफाई कर्मचारी फतेहगढ़ में किसी सरकारी कार्यालय में संबद्ध है। गौसपुर में दरियावगंज मुख्यमार्ग से गांव में प्रवेश होने वाले दोनों ही रास्तों पर पूरी नाली का पानी सड़क पर बहता है। राजेपुर सरायमेंदा गांव में भी गांव वालों ने ठीक तरह से सफाई न होने की समस्या उठाई है। रजीपुर में हथकरघा वाली गली में दोनों ओर की नालियों का गंदा पानी सड़क पर बह रहा है। 8 कर्मचारी चल रहे हैं संबद्ध कमालगंज। सफाई कर्मचारियों के मानदेय के लिए हर माह सहायक विकास अधिकारी पंचायत सुरेश चंद्र पाल मानदेय भुगतान को उपस्थिति प्रमाणित कर डीपीआरओ को भेजते हैं। उन्होंने बताया कि इस समय 8 सफाई कर्मचारी कार्यालयों में संबद्ध हैं। ग्राम निधि से प्रधान व सचिव करा सकते हैं सफाई कमालगंज। खंड विकास अधिकारी राजेश बघेल का कहना है कि यदि किसी सफाई कर्मचारी का अपरिहार्य परिस्थिति में संबद्धीकरण हुआ है। तो उस ग्राम में प्रधान व सचिव अभियान चलाकर सफाई कार्य करा सकते हैं। इसका खर्च ग्राम निधि से भी निकल सकता है। गांव में साफ-सफाई के लिए लगातार पंचायत सचिवों को निर्देश दिए जा रहे हैं। ‘सभी सफाई कर्मियों की तैनाती गांवों में है। कोई सफाई कर्मी यदि गांव में सफाई करने नहीं जा रहा है, तो इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। किसी अधिकारी व कार्यालय में उनके द्वारा किसी सफाई कर्मी की तैनाती नहीं की गई है।’ अमित कुमार त्यागी, डीपीआरओ
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