फर्रुखाबाद। शहर की तरह गांवों में भी मकान बनाने के लिए नक्शा पास कराना होगा। इससे जुड़ी योजना तैयार कर ली गई है। जिला पंचायत ने प्रस्ताव कमिश्नर के पास भेजा है। कमिश्नर से हरी झंडी मिलते ही नियम लागू हो जाएगा।
शहर में भवन निर्माण के लिए नक्शा पास कराना होता है। इसके लिए प्लाटिंग वाले भूखंड का लेआउट पास कराया जाता है। लेआउट पास होने के बाद कालोनी में मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था संबंधित निकाय की ओर से की जाती है।
गांवों में होने वाले निर्माण अभी व्यवस्थित नहीं हैं। आड़ेे-तिरछे, आगे-पीछे बने मकान जगह-जगह देखने को मिल जाते हैं। एक ओर ग्रामीणों को अपने मकान पर मालिकाना हक देने के लिए घरौनी बनाई जा रही हैं। दूसरी ओर निजी भूमि पर भवन निर्माण के लिए जल्द ही जिला पंचायत से नक्शा पास कराना पड़ेगा।
जिला पंचायत से इस संबंध में कमिश्नर को गत माह प्रस्ताव भेज दिया गया है। वहां से मंजूरी मिलते ही यह नियम लागू हो जाएगा। फिर भवन निर्माण के लिए कृषि भूमि को पहले आवासीय भूमि में परिवर्तित कराना होगा।
इसके बाद प्लाटिंग व भवन निर्माण कराया जा सकेगा। भवन आवासीय हो या फिर व्यावसायिक, निर्माण से पहले नक्शा बनवाकर जिला पंचायत से पास कराना अनिवार्य होगा। इसके लिए शासन को भेजे गए प्रस्ताव में मानक व शर्तें भी निर्धारित कर दी गई हैं।
बिना नक्शा भवन निर्माण पर लगेगा जुर्माना
ग्रामीण क्षेत्र में आवासीय भवन निर्माण के लिए नक्शा पास कराने में 25 रुपये प्रति वर्गमीटर चार्ज देना होगा। स्कूल भवन के नक्शे पर भी समान दरें निर्धारित की गई हैं। व्यावसायिक भवन निर्माण के लिए नक्शे पर 50 रुपये प्रति वर्ग मीटर खर्च आएगा।
बिना नक्शा भवन निर्माण कराने पर कार्रवाई होगी। भवन स्वामी से नक्शा बनवाने में आने वाले खर्च के अलावा 20 से 50 प्रतिशत तक जुर्माना भी वसूला जाएगा। किसी परियोजना के लिए भूखंड का लेआउट पास कराने के लिए 10 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब खर्च निर्धारित किया गया है। जर्जर भवन ध्वस्तीकरण के बाद पुन: निर्माण कराने के लिए नया नक्शा बनवाना होगा।
पार्किंग के लिए भी देनी होगी भूमि
ग्रुप हाउसिंग योजना हो या व्यावसायिक भवन, हॉस्पिटल हो या सिनेमाघर का निर्माण। इन भवनों के लिए क्षेत्रफल के हिसाब से सामने व पीछे जगह छोड़ने के मानक तय हैं। इन्हें पार्किंग स्थल के लिए भूमि छोड़नी होगी।