संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। शहर से सटे एक भट्ठे के जेसीबी चालक का शव संदिग्ध हालात में रेलवे लाइन पर पड़ा मिला। भट्ठा मालिक ने ट्रैक्टर-ट्राली से शव घर भिजवा दिया। ग्रामीणों ने ट्रैक्टर को गांव में ही रोक लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस के सामने परिजनों ने हत्या की आशंका जताई। पुलिस और फारेंसिक टीम ने रेलवे लाइन से नमूने लिए।
मोहम्मदाबाद क्षेत्र के गांव मदनापुर निवासी हिमांशु यादव (20) मऊदरवाजा थाने के गांव नेकपुर खुर्द स्थित एक ईंट भट्ठा पर जेसीबी चलाता था। शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे कासगंज से फर्रुखाबाद जा रही पैसेंजर ट्रेन निकलने के बाद उसका शव रेलवे लाइन के किनारे पड़ा देखा गया। सूचना पर पहुंचे भट्ठा मालिक ने शव को भट्ठे के ट्रैक्टर में रखवाकर उसके गांव भिजवा दिया। इससे परिजनों में आक्रोश फैल गया।
ग्रामीणों ने गांव में ही ट्रैक्टर को रोक लिया। उन्होंने पुलिस को हत्या कर शव रेलवे लाइन पर रखने की आशंका जताई। इस पर थाना पुलिस ने गांव पहुंचकर शव कब्जे में ले लिया। घटनास्थल पर फारेंसिक टीम ने जांच पड़ताल की। चाचा अवनीश ने पुलिस को दी तहरीर में कहा कि भतीजा हिमांशु अर्रापहाड़पुर स्थित ईंट भट्ठा की जेसीबी चलाता था। 27 जुलाई की रात नौ बजे भट्ठा मालिक ने फोन करके भतीजे को बुलाया था।
28 जुलाई की सुबह भट्ठा मालिक ने अपने ट्रैक्टर से उसका शव घर पर भेज दिया। भतीजे का सिर फटा व एक हाथ कटा है। उसके हाथ के बीच का हिस्सा गायब है। उन्होंने बताया कि उसकी हत्या कर शव रेलवे लाइन के किनारे डाला गया। हिमांशु के पिता की मौत हो चुकी है। पांच भाई-बहनों में सबसे बड़ा कमाऊ पूत था। छोटा भाई राघव, गगन और बहन उजाला और प्रतिबाला हैं। मां मधुवाला रो-रोकर बेहाल हो गई। अवनीश ने बताया कि भट्ठा मालिक ने एक फोन करने तक की जरूरत नहीं समझी।
पुलिस ने भट्ठा से चार संदिग्धों को दबोचा
मऊदरवाजा थाना पुलिस ने तहरीर मिलते ही भट्ठे पर दबिश दी। पुलिस ने चार संदिग्ध लोगों को पकड़कर थाने में पूछताछ शुरू कर दी है। हालांकि पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है।