फर्रुखाबाद। शहर में बेतरतीब घुसे वाहनों की वजह से चौक और रोडवेज बस अड्डा पर घंटों जाम लगा रहा। जरूरी कामकाजी और कोचिंग छात्र-छात्राओं काे मुसीबत का सामना करना पड़ा। जाम की मुख्य वजह यातायात विभाग के जिम्मेदारों की ड्यूटी में लापरवाही है। बस अड्डा पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईंं। वाहनों को निकलवाने के लिए यहां से जिम्मेदार नदारद दिखे। इसका खामियाजा जाम में फंसे लोगों को भुगतना पड़ा।
शहर में जाम सबसे बड़ी समस्या बन गया है। प्रतिबंध के बावजूद गली-मुहल्लों से बड़ी संख्या में ई-रिक्शा, टेंपो व कारों घुसते हैं। तिकोना, लाल सराय, नीबाचुअत, पक्कापुल आदि स्थानों पर लगे पुलिस कर्मी वाहनों को घुसने से नहीं रोकते। लिहाजा चौक पर जाम लगना आम बात हो गई है। शुक्रवार को किराना बाजार, लोहाई रोड, रेलवे रोड और घुमना की ओर से घुसे वाहनों की वजह से चौक पर दोपहर पौने तीन बजे जाम लग गया।
कुछ ही देर में स्टेट बैंक गली, खतराना मोड़, सेनापति मोड़ तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जाम में फंसे जरूरी कामकाजी के अलावा कोचिंग आने-जाने वाले छात्र-छात्राएं भी फंस गईं। जाम से बचकर जल्दी पहुंचने के लिए गलियों में वाहन घुसने से वहां भी जाम लग गया। शाम साढ़े चार बजे के बाद चौक पर यातायात सामान्य हो सका।
यही नहीं रोडवेज बस अड्डा के सामने पश्चिमी और पूर्वी गेट पर बसें निकलने और बस अड्डा की तरफ घुसने से जाम लग गया। दिल्ली गेट पर ड्यूटी करने वाले जिम्मेदारों ने वाहनों को निकलवाने की जरूरत नहीं समझी। लिहाजा बसों के बीच कारें, टेंपो, ई-रिक्शा, बाइक आदि वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यहां करीब एक घंटे बाद यातायात सामान्य हो सका। जाम में फंसकर लोग गंतव्य तक लेटलतीफ पहुंचे।
यातायात उपनिरीक्षक रजनेश कुमार ने बताया कि स्कूलों से पेपर छूटने की वजह से एक साथ वाहनों की संख्या बढ़ गई। इसीलिए जाम के हालात हो गए। जिम्मेदारों के प्रयास से यातायात सामान्य हो गया था।