संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। 25 जनवरी को बैनर फाडे़ जाने से आहत दुर्वाषा ऋषि आश्रम के महंत ईश्वरदास 26 जनवरी को आमरण अनशन पर बैठ गए। जानकारी पर कई हिंदूवादी संगठनों ने मौके पर पहुंचकर समर्थन किया। उप जिलाधिकारी सदर ने आश्वासन दिया कि पुन: बैनर लगा दिया जाएगा। इसके बाद उन्होंने एसडीएम के हाथों पानी पीकर अनशन तोड़ा।
पांचाल घाट गंगा तट पर बंधा के दोनों ओर मेला रामनगरिया के गेट बने हैं। दोनों द्वारों पर दुर्वाषा ऋषि आश्रम के महंत ईश्वरदास के फोटो लगे बैनर लगाए गए थे। 25 जनवरी को उद्घाटन के दौरान साधु-संतों ने इसका विरोध करते हुए जाम लगाया तो पुलिस ने बैनरों को हटवा दिया था। शुक्रवार को महंत ईश्वर दास ने आमरण अनशन शुरू कर दिया।
महंत के आमरण अनशन की जानकारी पर हिंदू जागरण मंच व भाजयुमो के पदाधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर समर्थन किया। जानकारी होने पर एसडीएम सदर गजराज सिंह ने पहुंच कर पुनः बैनर लगवाए जाने का आश्वासन दिया। इस पर ईश्वरदास अनशन तोड़ने को तैयार हुए। ईश्वरदास ने कहा कि कभी भी उन्होंने रामनगरिया में हस्तक्षेप नहीं किया।
बैनर भी मेला प्रशासन ने ही लगाए थे, लेकिन कुछ साधु-संतों के विरोध पर बैनर हटा दिए, जिससे वह काफी आहत हुए। इस अवसर पर भाजयुमो के जिला मंत्री अंकित तिवारी, दशरथ पुरी, चैतन्य पुरी, फूलनदास, राजेंद्र दास व महिपाल दास आदि साधु-संत मौजूद रहे।