कायमगंज। टकोरे के हमले से 10 दिन पूर्व घायल युवक ने रविवार रात इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। उसका उपचार आगरा के निजी अस्पताल में चल रहा था। युवक के परिजनों ने आरोपी की गिरफ्तारी में ढिलाई बरतने का आरोप लगाया। थाने के सामने शव रखकर हंगामा किया। करीब दो घंटे तक परिजन हंगामा करते रहे। सीओ सोहराब आलम ने पीड़ित परिवार को ठोस कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजनों ने शव उठने दिया।
क्षेत्र के गांव प्रेमनगर निवासी नीरज (38) अपने घर के दरवाजे पर 31 मार्च को बैठे थे। तभी पड़ोसी रामशरन आया और गाली-गलौज करने लगा। विरोध करने पर उसने नीरज पर टकोरे (छोटी कुल्हाड़ी) से कई वार किए। इससे नीरज खून से लथपथ होकर गिर गया। परिजनों ने घायल को सीएचसी में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे आगरा ले गए। वहां निजी अस्पताल में रविवार रात मौत हो गई। परिजनों ने सुबह करीब 8 बजे शव थाने के सामने रख हंगामा शुरू कर दिया। आरोप लगाया कि पुलिस ने आरोपी की पत्नी को पकड़कर छोड़ दिया। इसके बाद आरोपी की पत्नी घर से सारा सामान व पशु भी ले गई। परिजन आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करने लगे। जानकारी पर सीओ सोहराब आलम पहुंचे। उन्होंने कार्रवाई के लिए प्रार्थना पत्र मांगा। इसके बाद परिवार के लोग मान गए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सीओ ने बताया कि मामले में हत्या प्रयास का मुकदमा दर्ज है। इसे हत्या में तरमीम कर जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
हमले से मृत नीरज के शव को देख कर उनकी पत्नी लक्ष्मी व बच्चे रोते-रोते बेहाल हो रहे थे। लक्ष्मी कई बार बेहोश हो गईं। नीरज के दो पुत्र अमित (20), सुमित (14) व पुत्री ममता (18) हैं। मृतक नीरज बिजली के उपकरणों के मिस्त्री थे। खाली समय में वह तंबाकू गोदाम में मजदूरी भी करते थे।