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युवती को घायल कर रेलवे ट्रैक पर फेंका

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फर्रुखाबाद। प्रेमी की हत्या के 10वें दिन युवती गंभीर हालत में रेलवे ट्रैक पर पड़ी मिली है। शरीर पर चोटों के निशान हैं। पुलिस को पारिवारिक चाचा के घर में फर्श पर खून पड़ा मिला है। युवती के सभी परिजन फरार हैं। उसे गंभीर हालत में लखनऊ में भर्ती कराया गया है।
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फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के नेकपुर कलां निवासी मजदूर सूरज यादव (20) का एक मोहल्ला निवासी 18 वर्षीय युवती से प्रेम प्रसंग चल रहा था। युवती के लापता होने पर परिजनों से पुलिस से शिकायत की थी। चार घंटे बाद युवती को खोज परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया था। इसके बाद 30 सितंबर को सूरज का शव रेलवे ट्रैक पर पड़ा मिला था। दोनों पैर कटे थे, सिर पर गंभीर चोट के निशान थे।
सूरज की मां पूनम देवी ने युवती के रिश्तेदार अरविंद, उमेश, रोशन, शिवा सहित अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें युवती से प्रेम प्रसंग होने का जिक्र भी किया था। घटना के दिन ही पुलिस ने युवती को हिरासत में ले लिया था। परिजन व रिश्तेदार घटना के बाद से फरार थे।
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एक अक्तूबर को पुलिस ने युवती को लोहिया अस्पताल स्थित वन स्टाफ सेंटर में सुपुर्दगी में दे दिया था। छह अक्तूबर को युवती वहां से लापता हो गई थी। सुरक्षा कर्मियों ने इसकी सूचना पुलिस को नहीं दी। रविवार की सुबह युवती गंभीर हालत में रेलवे ट्रैक पर पड़ी मिली। उसके सिर के पीछे गंभीर चोट होने के साथ हाथ व पैर में भी घाव है। मोहल्ले के एक युवक ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने युवती को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर लखनऊ के केजीएमयू के लिए रेफर कर दिया गया।
युवती को घायल कर रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया गया। किसी ने इस मामले में तहरीर नहीं दी है। पूरे मामले की जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
अशोक कुमार मीणा, एसपी
फोरेंसिक टीम ने खून के लिए नमूने
फोरेंसिक टीम ने रेलवे ट्रैक पर मिले खून के नमूने एकत्र किए। दोपहर में एसओजी ने युवती के पारिवारिक चाचा के घर दबिश मारी। वहां फर्श पर खून पड़ा मिला। घर पर कोई नहीं मिला। फोरेंसिक टीम ने वहां मिले खून के भी नमूने लिए हैं।
पुलिस अभिरक्षा में हुई लापरवाही
जिला प्रोबेशन अधिकारी अनिल चंद्र ने बताया कि हत्या का मामला होने से वन स्टाप सेंटर में रुकने के लिए स्थान दे दिया गया था, लेकिन अभिरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस की थी। सुरक्षा में लगी महिला सिपाही ने मुख्य गेट पर ताला लगाने का विरोध किया था, इससे सिर्फ कुंडी लगी थी। खाना खाने के दौरान महिला सिपाही की लापरवाही से युवती लापता हुई थी। थाना पुलिस की लापरवाही है।
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