फर्रुखाबाद। तत्कालीन प्रधान की हत्या के मामले में कोर्ट ने दो लोगों को दोषी करार दिया है। एक आरोपी के खिलाफ साक्ष्य न मिलने पर उसको बरी कर दिया। एक आरोपी की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मौत हो गई थी।
राजेपुर थाना क्षेत्र के गांव सीढ़े चकरपुर निवासी तत्कालीन प्रधान ओमपाल सिंह, भतीजे नेपाल व भाई रतनपाल के साथ 31 जनवरी 1994 को ग्राम सभा की सड़क पर मिट्टी डलवाकर घर वापस जा रहे थे।
रास्ते में गांव के कुशलपाल, हरेंद्र सिंह, जगवीर सिंह, शिवपाल सिंह ने घेरकर फायरिंग की। गोली लगने से ओमपाल सिंह की मौके पर मौत हो गई।
रतनपाल व भतीजा नेपाल बाल-बाल बच गया। पुलिस ने रतन पाल की तहरीर पर कुशल पाल, हरेंद्र सिंह, जगवीर सिंह, शिवपाल सिंह के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचक ने चारों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान शिवपाल सिंह की मौत हो गई। बुधवार को मुकदमे की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट राकेश कुमार सिंह ने कुशल पाल, हरेंद्र सिंह को गवाह व साक्ष्यों के आधार पर दोषी करार दिया।
साक्ष्य के अभाव में आरोपी जगवीर को दोषमुक्त कर दिया। सजा सुनाने के लिए 28 नवंबर की तारीख तय की है।