फर्रुखाबाद। पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट महेंद्र सिंह ने गवाह व साक्ष्य के आधार पर दोषी पति को पांच वर्ष कारावास की सजा सुनाई। दोषी को 25 हजार रुपये जुर्माना जमा करने के आदेश दिए।
कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के सैदपुर के मजरा रहमादापुर निवासी उमेंश चंद्र ने तहरीर में बताया था कि बहन सीमा देवी की शादी वर्ष 2004 में कंपिल थाना क्षेत्र के गांव त्यौरखास निवासी दलवीर के साथ की थी। शादी के कुछ माह बाद ही दलवीर सहित ससुरालीजन 50 हजार रुपये व बाइक की मांग कर सीमा को प्रताड़ित करने लगे। 5 जून 2008 को दलवीर सहित ससुरालीजनों ने सीमा से मारपीट कर उसको केरोसीन डालकर मार डाला। पुलिस ने उमेश चंद्र की तहरीर पर पति दलवीर, जेठ कश्मीर, देवर जितेंद्र, जेठानी शकुंतला देवी व ससुर सियाराम ने दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया था।
मुकदमे की जांच कर रहे तत्कालीन सीओ कायमगंज आरसी अरुण ने पति दलवीर के खिलाफ पत्नी सीमा को आत्महत्या के लिए उकसाने में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। इसके अलावा सभी आरोपियों के नाम चार्जशीट से हटा दिए थे। मुकदमे की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश ने आरोपी पति दलवीर को दोषी करार कर पांच वर्ष की सजा सुनाई। दोषी को 25 हजार जुर्माना जमा करने के आदेश दिए। जुर्माना नहीं देने पर दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।