फर्रुखाबाद। मोहम्मदाबाद क्षेत्र की ग्राम पंचायत बीघामऊ में मृतक सहित 29 अपात्रों को प्रधानमंत्री आवास देने के मामले में तत्कालीन बीडीओ को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। तत्कालीन बीडीओ ने लाभार्थियों को खुद ही जांच में अपात्र घोषित किया था। जांच में मामला खुलकर सामने आ गया।
ग्राम पंचायत बीघामऊ में गत वित्तीय वर्ष में 43 लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास आवंटित किए गए। अपात्रों को आवास देने की शिकायत पर कमेटी से जांच की गई। इसमें मात्र 14 लाभार्थी ही पात्र पाए गए, जबकि 29 अपात्रों में लाभार्थी पवन की काफी पहले मौत हो चुकी है। उसका पहले से तीन कमरों का पक्का मकान है।
इसके अलावा आवास के लाभार्थी रिंकी, करुणा, कुसुमा देवी, बाबेंद्र, सुनीता, सावित्री, पूनम, विनीता, उर्मिला, अरविंद, पप्पी, प्रयोमा देवी, जगतार, मधू, जाबिर, सीमा, शमनम, जायरा बेगम, सद्दाम, ऊषा देवी, बेबी, रानी, देशराज, मीना, एवनी, गीता, इलियास व किरन देवी अपात्र पाई गईं। सभी के पहले से पक्के मकान बने हैं। इनमें चार अपात्र लाभार्थी पहली किस्त वापस कर चुके हैं।
खास बात तो यह है कि तत्कालीन बीडीओ ने इनमें अधिकांश लाभार्थियों को वर्ष 2019-20 की जांच में खुद ही अपात्र घोषित कर सूची से नाम डिलीट करने की रिपोर्ट दी थी। इसके बाद 2022-23 में अपात्रों को आवास देकर उनके खातों में किस्तों की धनराशि भेज दी।
डीडीओ योगेंद्र कुमार पाठक ने बताया कि अपात्रों को प्रधानमंत्री आवास देने में तत्कालीन बीडीओ अशोक कुमार को नोटिस जारी किया गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर कार्रवाई तय की जाएगी। अपात्र लाभार्थियों से धनराशि वसूली जाएगी।