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मंत्री को अस्पताल में नहीं मिले डॉक्टर, भटकते रहे मरीज

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ोहिया अस्पताल में राज्यमंत्री अरुण कुमार को मरीज के बारे में जानकारी देते सीएमएस डॉ. राजकुमार गु? - फोटो : FARRUKHABAD
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फर्रुखाबाद। वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री डॉ. अरुण कुमार को लोहिया अस्पताल में निरीक्षण के दौरान डॉक्टरों के न होने से मरीज भटकते मिले।
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29 के स्थान पर मात्र 11 की तैनाती और उसमें तीन वीआईपी ड्यूटी में जाने की जानकारी दी गई। सीएमएस को व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। कहा कि मुख्यमंत्री को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
राज्यमंत्री डॉ. अरुण कुमार शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे लोहिया पुरुष अस्पताल पहुंचे। ओपीडी में पर्चा काउंटर पर लगी लंबी कतार में लगीं महिलाओं से बात की। सिर्फ एक डॉक्टर बैठे मिले। इस पर तैनाती की जानकारी ली।
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पता चला कि 29 में सिर्फ 11 डॉक्टर तैनात हैं। उसमें से फिजीशियन अशोक कुमार न्यायालय, हृदय रोग विशेषज्ञ मनोज पांडेय समेत तीन डाक्टर वीआईपी ड्यूटी पर चले गए। मंत्री ने कायमगंज विधायक डॉ. सुरभि से डॉक्टरों की गिनती कराई।
इमरजेंसी में मरीजों का हाल जाना। जब बीएसटी मंगाई, तो स्टाफ नर्स गायब थीं। कुछ देर बाद इंटर्नशिप छात्र पहुंचे। मंत्री ने नाराजगी जताई, तब स्टाफ नर्स वहां पहुंचीं।
सीएमएस से व्यवस्थाएं ठीक रखने को कहा। बिना ठेका के वाहन स्टैंड की जानकारी होने पर नाराजगी जताई। भाजपा जिलाध्यक्ष रूपेश गुप्ता व सीएमओ अवनींद्र कुमार आदि थे।
शहर के मोहल्ला बिर्राबाग निवासी सुरेंद्र कुशवाह की मां नन्हीं देवी 19 जुलाई को छत से गिर गई थीं। 20 जुलाई की सुबह लोहिया अस्पताल में मौत हो गई। उनका मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए वह एक माह से चक्कर लगा रहा है। उसने राज्यमंत्री से लोहिया अस्पताल में शिकायत की।
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इसी तरह शहर के मोहल्ला हरभगत निवासी रंजना अग्निहोत्री ने कैंसर पीड़ित अपने पति के साथ लोहिया अस्पताल में राज्यमंत्री को पत्र देकर फूट फूट कर रो पड़े। कहा कि कोतवाली पुलिस उन्हें बेवजह परेशान कर रही है। कई बार दो-दो घंटे पूछताछ करने से पति की हालत बिगड़ चुकी है। मंत्री ने एसपी को पत्र देकर कार्रवाई के निर्देश दिए।
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