फर्रुखाबाद। आयुष्मान भव: योजना के तहत जिले के हेल्थ वेलनेस सेंटरों पर आयुष्मान मेला लगा। इसमें डॉक्टर व कई सीएचओ गायब रहे। तो कहीं डेढ़ बजे के बाद ताले पड़ गये। इससे मरीज भटकते रहे या फिर कर्मचारियों से लाल-पीली गोलियां लेकर चले गए।
शासन के आदेश पर शनिवार को हेल्थ वेलनेस सेंटरों पर आयुष्मान मेला लग रहा है। इसके बावजूद डॉक्टर व सीएचओ को रवैया बदलने का नाम नहीं ले रहा है। शहर के हेल्थवेलनेस सेंटर श्याम नगर में दोपहर 12 बजे तक डॉक्टर नहीं पहुंचे। इससे सहायक रजत दीक्षित व क्लीनर बीनू के भरोसे मेला चला। इस बीच पांच मरीज पहुंचे, उन्हें कुछ गोलियां देकर टरका दिया गया।
लटकता रहा ताला
अमृतपुर क्षेत्र के गांव करनपुर दत्त स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में 1.39 बजे तक ताला ही नहीं खुला। लगा रहा है। इस इस केंद्र पर कोई कर्मचारी नहीं पहुंचा। ग्रामीणों का कहना है कि सीएचओ जब आते तो मरीजों को यह कहकर भगा देते कि उनके सेंटर पर दवा ही नहीं है। सेंटर खुलने व बंद होने का कोई समय नहीं है। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर अमृतपुर में सीएचओ सुमित शर्मा ने 20 मरीज देखकर दवा दी। वहां एएनएम मौजूद नहीं थी।
स्टाफ नर्स ने देखे मरीज
कंपिल। क्षेत्र के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बरखेड़ा में सीएचओ की तैनाती नहीं है। स्टाफ नर्स दीक्षा राठौड़ ने दोपहर तक सर्दी, जुकाम व बुखार के 25 मरीज देखेे। एलटी पुष्पेंद्र ने दवाइयां बांटीं। बिजली व्यवस्था न होने अस्पताल में अंधेरा था। टंकी से जलापूर्ति ठप रही। आयुष्मान कार्ड भी नहीं बनाए जाते हैं। उपस्थिति रजिस्टर में डॉ.अमरेश व एएनएम रश्मि शाक्य न तो मौजूद थे और न ही एक नवंबर से हस्ताक्षर थे। जबकि वार्ड ब्वाय शैलेंद्र के हस्ताक्षर होने के बावजूद वह मौके पर नहीं थे।