फर्रुखाबाद। बरसात के चलते लोहिया अस्पताल की बिजली गुल हो गई। ओपीडी में डॉक्टरों को अंधेरा होने के कारण टार्च की रोशनी में मरीजों को देखना पड़ा। डेढ़ घंटे तक सभी डॉक्टर अंधेरे में बैठे रहे। उसके बाद भी जनरेटर नहीं चलाया गया।
शासन से लेकर प्रशासन तक लोहिया अस्पताल में मरीजों को बेहतर सुविधाएं देकर इलाज करने का दावा कर रहा है। बुधवार को लोहिया अस्पताल में दावों की पोल खुल गई। मंगलवार की रात से रुक-रुककर बरसात के कारण बिजली गुल हो गई।
लोहिया अस्पताल में भी बुधवार की सुबह दस बजे बिजली चली गई। पूरे अस्पताल में अंधेरा छा गया। डॉक्टर मरीजों को देख रहे थे। अंधेरा होने से अफरातफरी मच गई। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. ऋषिकांत वर्मा टार्च की रोशनी में मरीजों का इलाज करने को मजबूर हो गए।
इमरजेंसी में भी अंधेरा होने से डॉक्टरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। लोहिया अस्पताल में जनरेटर लगे हुए हैं। शासन का आदेश है कि बिजली जाने के पांच मिनट के अंदर ही जनरेटर चलाया जाए। उसके बाद भी डेढ़ घंटे तक जनरेटर नहीं चलाया गया।
सीएमएम राजकुमार ने बताया कि बिजली जाने के दस मिनट के अंदर जनरेटर चला दिया जाता है। डेढ़ घंटे तक अंधेरा होने की बात सामने आने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।