संवाद न्यूज एजेंसीफर्रुखाबाद। शहर के मोहल्ला कटरा बख्शी में जाकिर शाहवेज हुसैन रिजवी ने कहा कि इमाम हुसैन जब रात को सोने जाते थे, तो उनके छोटे भाई हजरत अब्बास जागते थे। उनकी मंशा थी कि इमाम हुसैन को प्यास लगे, तो उन्हें पानी पिलाने का मौका मिले।
कटरा बक्शी के साजिद अली के निवास पर मजलिस-ए-हुसैन का आयोजन किया गया। इसमें वक्ता जाकिर शाहवेज ने कहा कि इमाम हुसैन और छोटे भाई हजरत अब्बास में खासा प्रेम था। दोनों एक दूसरे के बगैर नहीं रहते थे। इमाम हुसैन के सोने के वक्त भी छोटे भाई संग ही रहते थे। मंशा थी कि एक दफा इमाम हुसैन को प्यास लगे और उन्हें पानी पिलाने का सौभाग्य मिल जाए।
कहा कि कर्बला के मैदान में हज़रत अब्बास ने इमाम हुसैन की खातिर अपनी जान कुर्बान कर दी। इन दोनों की मोहब्बत दुनिया वालों के लिए एक मिसाल है। भाई से मुहब्बत करनी सीखनी है, तो इन दोनों भाइयों से सीखें। इमाम हुसैन और हजरत अब्बास की मुहब्बत एक चमकती हुई शमा है। मजलिस में जनाब सलीम हैदर, साजिद हुसैन रिजवी, इरतिज़ा हैदर, नसीर हैदर, करार हुसैन रिजवी, साजिद अली, सईद हैदर, शेहरोज हैदर आदि मौजूद रहे।