अमृतपुर/राजेपुर। झंडे में लगा लोहे का पाइप ऊपर से गुजरी हाईटेंशन लाइन से छू गया, जिससे करंट की चपेट में आकर रोजागर सेवक की मौत हो गई। रोजगार सेवक के साथ मौजूद जेई और ठेकेदार हादसा देख भाग निकले। मृतक के पिता ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
राजेपुर थाना क्षेत्र के गांव डबरी निवासी रोजगार सेवक देवेंद्र सिंह (40) को सोमवार सुबह कंपिल के गांव कमलाईपुर निवासी ठेकेदार मुकेश अमृतपुर क्षेत्र गांव नगला हूसा स्थित कुठिला झील (निर्माणाधीन अमृत सरोवर) ले जाने के लिए घर से बुला ले गए थे।
देवेंद्र के साथ उसके बेटे प्रियांशु (13) व शिवांशु (9) भी गए थे। झील के पास स्थित देवस्थान पर ठेकेदार व जिला पंचायत के जेई ने लोहे के पाइप में तिरंगा झंडा लगवाया। उस झंडे को लेकर देवेंद्र कुठिला झील पर बने चबूतरे पर लगाने जा रहा था, तभी ऊपर से गुजरी 33 केवी लाइन में लोहे का पाइप छू गया।
इससे करंट लगने से देवेंद्र झुलस कर गिर पड़ा। यह देख ठेकेदार व जेई भाग गए। देवेंद्र को किसी तरह सीएचसी पहुंचाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना से गुस्साए परिजनों व ग्रामीणों ने हंगामा किया। जानकारी मिलने पर एसडीएम अमृतपुर पदम सिंह सीएचसी पहुंचे।
उन्होंने परिजनों को मदद व कार्रवाई का भरोसा दिया। इस पर देवेंद्र के पिता राम औतार की तहरीर पर थाना अमृतपुर में ठेकेदार व जिला पंचायत के जेई के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया।
घटना के बाद देवेंद्र के दोनों बेटे उसे बचाने के लिए आगे बढ़े, लेकिन मौजूद लोगों ने करंट की बात कहकर उन्हें रोक दिया। इस पर दोनों बेटे बेबस होकर पिता को तड़पते देखते रहे और कोई मदद को भी आगे नहीं आया। देवेंद्र का सबसे छोटा बेटा आर्यन है। पत्नी रामादेवी रो-रोकर बेहाल हो गईं।
ग्रामीणों ने जेई व ठेकेदार से देवेंद्र को सीएचसी पहुंचाने के लिए कार मांगी तो उन्होंने देने से इन्कार कर दिया। इस पर ग्रामीणों ने उन्हें घेरने का प्रयास किया तो जेई व ठेकेदार ग्रामीणों से अभद्रता कर भाग गए।
ग्रामीणों का आरोप है कि यदि जेई अपनी कार से देवेंद्र को समय पर सीएचसी पहुंचा देते तो उसकी जान बच सकती थी। घटना के बाद कुठिला झील पर ग्रामीणों ने तिरंगा झंडा फहराया।