फर्रुखाबाद। हाथ की कारीगरी से जुड़़े लोगों को बड़े उद्यमों में कुशल बनाने की मंशा से सरकार जिले के 800 कारीगरों को प्रशिक्षण उपलब्ध कराएगी। 25 जुलाई तक आवेदन मांगे गए हैं। इस बार सरकार ने बढ़ई, नाई, दर्जी, हलवाई समेत 10 ट्रेडों को शामिल किया है। प्रशिक्षित कारीगरों को नि:शुल्क टूलकिट भी दी जाएगी।
हाथ की कारीगरी से जुड़े पारंपरिक हस्तशिल्पियों के लिए सरकार ने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना शुरू की थी। योजना के तहत इस बार कुल 10 ट्रेडों के 800 कारीगरों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनमें बढ़ई के 50, दर्जी 500, नाई, कुम्हार, लोहार, सुनार, टोकरी बुनकर, राजमिस्त्री व मोची के 25-25 और हलवाई के 75 कारीगरों का चयन किया जाएगा। इन सभी को छह दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद सभी कारीगरों को सरकार की ओर से टूलकिट भी उपलब्ध कराई जाएगी।
जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र ने इसके लिए इच्छुक कारीगरों के 25 जुलाई तक विभाग की ऑनलाइन वेबसाइट पर आवेदन मांगे हैं। इसमें उम्र 18 साल और शिक्षा कोई जरूरी नहीं है। इसमें बीते दो साल में आवेदक या परिवार ने कोई योजना का लाभ न लिया हो। कारीगरी से जुड़े होने के लिए आवेदक को प्रधान, नगर पंचायत, नगर पालिका अथवा नगर निगम के अध्यक्ष का प्रमाण पत्र लगाना है। इस बार आधार को अनिवार्य कर दिया गया है।
एक जनपद एक उत्पाद योजना के तहत सरकार ब्लाक प्रिंटिंग व जरी जरदोजी कारीगरों को 10 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण देगी। इसके लिए भी 25 जुलाई तक आवेदन मांगे गए हैं। इसमें शासन ने 1.05 करोड़ रुपये अनुदान का लक्ष्य रखा है।
उद्यमिता विकास केंद्र के उपायुक्त अशोक कुमार उपाध्याय ने बताया कि लक्ष्य आने से पहले ही 2581 लोगों ने आवेदन कर दिया है। इन आवेदकों को योजना में शामिल नहीं किया जाएगा। पांच दिन पहले ही विभाग ने अपने पोर्टल पर आवेदक का आधार कार्ड भी अनिवार्य कर दिया है। जबकि पहले मोबाइल नंबर से लाभ मिलता था। लिहाजा लोग अलग-अलग मोबाइल नंबर से आवेदन कर देते थे। अब नए आवेदन ही मान्य होंगे।