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Farrukhabad News: आलू की सरकारी खरीद जटिल, किसान निराश

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फर्रुखाबाद। आलू की मंदी झेल रहे किसानों को सरकारी खरीद काफी जटिल लग रही है। यही वजह है कि कम दाम मिलने के बावजूद किसान मंडी का ही रुख कर रहा है। हॉफेड (हॉटीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन) के क्रय केंद्र पर मंगलवार को दूसरे दिन भी सन्नाटा पसरा रहा। वहीं मंडी में 150 ट्रक आलू पहुंचा।
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प्रतिष्ठा मानकर आलू की खेती करने वाले किसान मंदी की मार से परेशान हैं। एशिया की मंडियों में गिनी जाने वाली सातनपुर मंडी में आलू का भाव कम होने के बावजूद आवक की भरमार है। भाव में मंदी से निकली किसानों की पुकार शासन तक पहुंची। इससे बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत 650 रुपये प्रति क्विंटल आलू की सरकारी खरीद के लिए बेवर रोड स्थित एमडी कोल्ड स्टोरेज में सोमवार को क्रय केंद्र खोल दिया गया।
मानकों के अनुसार आलू का व्यास 45 मिमी. से 85 मिमी. हो, आलू की छटाई व ग्रेडिंग किसान को ही करानी है। साफ-सुथरा, मिट्टी रहित, मजबूत व पका हुआ आलू ही खरीदा जाएगा। किसानों का कहना है कि ग्रेडिंग कराने और सरकारी खरीद के मानक पूरे करने पर उनका 60 से 70 प्रतिशत आलू अमानक की श्रेणी में पहुंच जाएगा।
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30 से 40 प्रतिशत आलू ही सरकारी क्रय केंद्र पर बेच सकेंगे। बचा हुआ आलू फिर बाजार में भी कोई नहीं खरीदेगा। इससे मंडी में ही आलू बेचना किसानों की मजबूरी है। हॉफेड के क्रय केंद्र प्रभारी रामकेश भारती ने बताया कि दो किसान आए थे और मानक पूछकर चले गए। आलू बेचने की सहमति भी नहीं दी। दो दिन में आलू की सरकारी खरीद शुरू नहीं हो सकी। मानकों के अनुसार ही आलू खरीद करना उनकी मजबूरी है।

मंडी में छट्टा आलू 631 रुपये प्रति क्विंटल पहुंचा
सातनपुर मंडी में मंगलवार को आलू की करीब 50 ट्रक आमद घटने से भाव में उछाल आया है। मंडी में करीब 150 ट्रक आलू पहुंचा। सामान्य गड्ड आलू 311 रुपये से लेकर 421 रुपये प्रति क्विंटल बिका। छट्टा आलू की 451 रुपये से लेकर 631 रुपये प्रति क्विंटल बिक्री हुई। चिप्सोना प्रजाति के आलू का भाव 701 रुपये से लेकर 751 रुपये क्विंटल रहा।
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