फर्रुखाबाद। किसी को कुत्ता काट ले, तो वह भूल कर भी लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में न जाए। क्योंकि वहां टीटी के अलावा एंटीरैबीज लगाने की कोई सुविधा नहीं है। तीमारदार को बाजार से महंगे दामों पर खरीदने की सलाह दी जाती है। परेशान परिजन मजबूरी में रुपये खर्च कर रहे हैं।
शहर के मोहल्ला मेमरान निवासी पवन यादव की साढ़े पांच साल की बेटी सांभवी यादव शनिवार शाम करीब पांच बजे मकान के बाहर खेल रही थी। उसी समय आए एक खूंखार कुत्ते ने हमला बोल दिया। बच्ची चीखकर भागी, फिर भी उसके हाथ, पैर में कई जगह गहरे घाव कर दिए। चीख-पुकार पर आसपास के लोगों ने बमुश्किल कुत्ते के भगाया। पवन बच्ची को लेकर लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचे। वहां टीटी का इंजेक्शन लगाया गया। ड्यूटी स्टाफ ने एंटीरैबीज इंजेक्शन की सुविधा न होने की बात कह दी। पवन यादव ने बताया कि बच्ची के घाव अधिक होने पर उन्होंने कई बार आग्रह किया, तो कर्मचारियों ने बाजार से लाने की सलाह दे दी। वह 390 रुपये का इंजेक्शन बाजार से लेकर आए हैं। उन्होंने इमरजेंसी में एंटी रैबीज इंजेक्शन की सुविधा न होने की सीएमओ से फोन पर शिकायत की, मगर उन्होंने पूरी बात भी नहीं सुनी। सीएमएस डॉ. अशोक प्रियदर्शी ने बताया कि इमरजेंसी में अधिक जरूरत पर एंटीरैबीज लगनी चाहिए। उनके पास कोई शिकायत नहीं आई। जानकारी करेंगे।