साथियों के पैदल यात्रा करते केएन गोविंदाचार्य। संवाद
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राजेपुर। गंगा संवाद यात्रा लेकर पहुंचे केएन गोविंदाचार्य ने कहा कि गंगा को बिना रोके ही बहने दिया जाए। अविरल बहाव का दावा खोखला है। सरकारों ने खर्च भले ही मोटी रकम की हो, मगर जमीन पर कुछ नहीं दिख रहा है।
यात्रा प्रमुख केएन गोविंदाचार्य देर शाम अमृतपुर होते हुए यहां पहुंचे। उन्होंने कहा कि गंगा के अविरलता के नाम पर सरकारें 18 हजार करोड़ से अधिक रुपये खर्च कर चुकी हैं, मगर जमीन पर कुछ नहीं दिख रहा है।
उन्होंनेे किसानों के दर्द को सार्वजनिक किया। कहा कि गोवंश से किसान परेशान हैं। वह अपने बच्चों को पालने के लिए मजबूरन खेत में कटीले तार लगाता है। 2016 में प्रदेश व केंद्र सरकार को 20 सूत्री ज्ञापन सौंपा था, यदि उस पर विचार किया होता, तो समस्या नहीं होती। जलवायु परिवर्तन के कारण बेमौसम बारिश से फसलें नष्ट हो रही हैं।
बहाव में कम से कम 60 फीसदी पानी रहना चाहिए, जबकि 15 फीसदी रहता है। इससे पर्यावरण तथा पेड़-पौधे प्रभावित होते हैं। उनके साथ गदाधर विद्रोही, जीवकांत झा, साध्वी रेणुका, विवेक त्यागी, ललित देवी, सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता सुबुही खान आदि पैदल चल रहे हैं।