अमृतपुर। बाढ़ पीड़ितों के लिए बनाए गए बाढ़ शरणालय में गंगा का पानी भरने लगा है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से करीब 12 से अधिक गांवों में पानी पहुंच गया है। गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से 15 सेंटीमीटर दूर है। वहीं, तीस राम की मड़ैया गांव में जाने वाला रास्ता कटने से ग्रामीणों को दिक्कत होने लगी है। एडीएम ने मौके पर पहुंचकर कटी सड़क को देखता। मातहतों को इंतजाम करने के निर्देश दिए।
गंगा का जलस्तर गुरुवार को 20 सेमी. बढ़कर 136.25 मीटर से 136.45 मीटर पहुंच गया। जलस्तर बढ़ने से चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से मात्र 15 सेमी. दूर रह गया है। नरौरा बांध से गंगा में 40019 क्यूसेक पानी और छोड़ा गया। इससे जलस्तर बढ़ने की संभावना है। जलस्तर बढ़ने से गंगा के किनारे बसे गांव के बाशिंदों की परेशानियां बढ़ने लगी हैं। बाढ़ से प्रभावित लोगों को ठहराने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सबलपुर में बाढ़ शरणालय बनाया गया है। अस्पताल में बाढ़ का पानी भरने से डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मी अब सड़क पर बैठकर स्वास्थ्य सेवाएं देने को मजबूर हैं।
गांव आशा की मड़ैया के लिए जाने वाले रास्ते में भी पानी भर गया है। इससे ग्रामीण पानी में घुसकर निकल रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अभी पानी कम है। गंगा का जलस्तर और बढ़ा तो रास्ता बंद हो जाएगा।
बाढ़ का पानी गांव सबलपुर, रामपुर, जोगराजपुर, उदयपुर, आशा की मड़ैया, नगरिया, जवाहपुर, गौंटिया, कुबेरपुर, रतनपुर, हरसिंहपुर कायस्थ, ऊगरपुर, तीसराम की मड़ैया आदि गांव में भरने लगा है। इससे ग्रामीणों की धड़कने तेज हो गई हैं।
पिछले साल बाढ़ में कटी गांव तीसराम की मड़ैया को जाने वाली सड़क पर तेज धार से पानी बहने लगा है। एडीएम सुभाष चंद्र प्रजापति ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया। एसडीएम अतुल कुमार सिंह को ग्रामीणों के आने-जाने के लिए नाव लगाएने के निर्देश दिए। रामगंगा का जलस्तर 134.80 मीटर से पांच सेमी. कम होकर 134.75 मीटर पर पहुंच गया है।
बाढ़ पीड़ितों को मुख्य मार्ग से हटाकर मंडी में पहुंचाया
शमसाबाद। गंगा का जलस्तर बढ़ने से क्षेत्र के गांव समैचीपुर चितार के घरों में पानी घुस गया। इससे 25 परिवार मुख्य मार्ग के किनारे पन्नी डालकर डेरा जमाए हैं। गुरुवार सुबह एसडीएम कायमगंज रविंद्र कुमार, नायब तहसीलदार अनवर हुसैन, सृजन सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र कुमार, बीडीओ शमीम अशरफ के साथ शमशाबाद ढाई घाट पर पहुंचे। उन्होंने ट्रैक्टर मंगवाकर सड़क किनारे रह रहे 10 बाढ़ पीड़ित परिवारों को शमशाबाद गल्ला मंडी पहुंचाया। इसके बाद एसडीएम ने गल्ला मंडी का निरीक्षण कर टिनशेड खाली कराने के निर्देश दिए। (संवाद)
एसडीएम ने मंडी सहायक श्याम सिंह को बाढ़ पीड़ितों के लिए टिनशेड में सफाई कराने के निर्देश दिए। एसडीएम ने बताया कि मंडी में गांव समैचीपुर के शेष 15 बाढ़ पीड़ित परिवारों को रोका जाएगा। सभी बाढ़ पीड़ित 25 परिवारों को गांव पैलानी दक्षिण के पास पड़ी सरकारी भूमि पर आवास बनाने के लिए पट्टा दिया जाएगा। इससे वह मकान बनवाकर सुरक्षित रह सकेंगे।
संपर्क मार्ग कटा, बाढ़ के पानी से होकर स्कूल जाते बच्चे
राजेपुर। पांच वर्ष पूर्व गंगा की बाढ़ से प्राथमिक विद्यालय तीसराम की मड़ैया गंगा में समा गया था। गत वर्ष इसका निर्माण गांव से कुछ दूरी पर कराया गया। इन दिनों गंगा की बाढ़ का पानी गांव के चारों तरफ भरा है। गांव का संपर्क मार्ग भी कट गया है। इससे बच्चे पानी उतरकर विद्यालय आते हैं। प्रधानाध्यापक श्याम कुमार ने बताया गांव से लगभग 500 मीटर दूर स्थित विद्यालय आने के लिए संपर्क मार्ग कट गया है। जिसमें पानी की धार चल रही है। बच्चे पानी से उतरकर विद्यालय आते हैं। (संवाद)