कमालगंज। 48 घंटे से गंगा का जलस्तर स्थिर होने से कटान की गति तेज हो गई है। इससे जंजाली नगला, भोजपुर, कल्लू नगला में प्रशासन निगरानी बनाए हुए है। कटान देखकर कुछ लोगों ने मकान तोड़कर सरिया व ईंट निकालनी शुरू कर दी हैं।
क्षेत्र के गांव जंजाली नगला में गंगा की कटान से 20 परिवार अपने मकान खो चुके हैं। अन्य मकानों में भी खतरा बढ़ गया है। गांव कल्लू नगला तक बाढ़ का पानी पहुंचने से भोजपुर भी खतरे की जद में है। गांव कल्लू नगला से 10 मीटर की दूरी पर धार बह रही है। जंजाली नगला में मंदिर के पास से पानी बह रहा है। सड़क का काफी हिस्सा कटकर लटक गया है।
ग्रामीण बबलू ने बताया कि लोग दाने-दाने के लिए परेशान हैं।
राशन की मांग प्रशासन से की गई थी, लेकिन अब तक कुछ भी नहीं मिला। ग्राम प्रधान पप्पू यादव ने गांव पहुंचकर लोगों को मदद दिलाने का भरोसा दिया। भोजपुर में भी पानी बढ़ रहा है। प्रधान भुवन बरतरिया ने कहा कि शिव मंदिर व किले के आगे पानी का फासला कम होता जा रहा है।
रामगंगा का जलस्तर घटा, गंगा स्थिर
अमृतपुर। रामगंगा का जलस्तर रविवार को पांच सेंटीमीटर कम हुआ है, जबकि गंगा दूसरे दिन भी 136.50 मीटर पर स्थिर रही। गंगा की तेज धार से खेतों में कटान होने से ग्रामीण चिंतित हैं। गंगा व रामगंगा में चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर पर है। शनिवार रात को नरौरा बांध से गंगा में 90 हजार 570 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे जलस्तर बढ़ने की आशंका है।
रामगंगा का जलस्तर 134.65 मीटर से घटकर 134.60 मीटर पर आ गया है।
हालांकि शनिवार को ही हरेली रामनगर बैराज से 18 हजार 289 क्यूसेक पानी रामगंगा में छोड़ा गया है। इसका असर एक-दो दिन में बढ़े जलस्तर के रूप में दिख सकता है। गंगा के तटवर्ती गांव करनपुर घाट, कुड़री सारंगपुर, जोगराजपुर, हरसिंहपुर कायस्थ के खेतों में कटान तेजी से हो रही है। (संवाद)