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Farrukhabad News: गंगा खतरे के निशान से 10 सेंमी ऊपर, दुश्वारियां बढ़ीं

Fri, 21 Jul 2023 01:00 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
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फर्रुखाबाद/अमृतपुर। गंगा की बाढ़ विकराल होती जा रही है। पंखियन की मडैया में गंगा किनारे दो स्थानों पर छह बच्चे बह गए। ग्रामीणों ने छलांग लगाकर उन्हें बचाया। उधर, शहर की कांशीराम कालोनी में बाढ़ का पानी घुस गया है। बिजली गुल होने से पानी आपूर्ति बंद हो गई। घरों में पानी घुसने से लोगों ने छतों पर बसेरा बनाया है। राजेपुर और शमसाबाद ब्लाक में सबसे अधिक गांव प्रभावित हैं। अधिकारियों ने बाढ़ क्षेत्र का जायजा लिया।
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गुरुवार को नरौरा बांध से गंगा में 2,09, 501 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। शाम करीब छह बजे पांचाल घाट पर जलस्तर खतरे के निशान 10 सेंमी ऊपर पहुंच गया। अब 137,20 मीटर पर बहने लगा है। अभी जलस्तर और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। पानी बढ़ने से गंगा से जिले के 100 गांव प्रभावित हैं। रामगंगा में रामनगर से 693 क्यूसेक पानी आया है। रामगंगा का जलस्तर 135.85 से घटकर 135.70 मीटर पर है।
सदर तहसील के गंगा किनारे गांव पंखियन की मढै़या के नसीम, उनकी पत्नी नन्ही बेगम गुरुवार रात तख्त पर लेटे थे। बच्चों में मोहसिन, शाफिया और नन्हे चारपाई पर थे। रात 12 बजे अचानक पानी घुसने से छप्पर गंगा में बह गया। चारपाई पर लेटे बच्चे भी समा गए। चीख-पुकार पर ग्रामीणों ने छलांग लगाकर निकाला। गुरुवार दोपहर में टेनी की पुत्री मंतशा, पुत्र मोहिद रजा व तौहीद रजा गंगा किनारे टीले पर खड़े थे। अचानक कटान होने से वह समा गए। कुछ दूरी पर खड़े प्रधान शाहनाज बेगम के पति शाहिद अली ने युवाओं के साथ छलांग लगाकर तीनों बच्चों को बाहर निकाला। एक बच्चा कुछ देर बेहोश के बाद सही हुआ।
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राजेपुर के हमीरपुर परतापुर मार्ग पर पानी डेढ़ फिट बह रहा है। बहाव तेज होने से दोपहिया वाहन गिर रहे हैं। तीसराम की मडैया का रास्ता बंद होने से नाव चल रही है। हरसिंहपुर कायस्थ, मंझा की मडैया, उदयपुर, रामपुर, जोगराजपुर आदि के रास्तों पर पांच-पांच फीट पानी है। बदायूं मार्ग चित्रकूट डिप पर बहाव तेज होने से छोटे वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया। राजेपुर तिराहे पर भी बाढ़ का पानी बहने लगा है। एसडीएम गजराज सिंह, तहसीलदार कर्मवीर सिंह, थानाध्यक्ष संत प्रकाश ने राजस्व टीम के साथ ट्रैक्टर से मंझा की मडैया का जायजा लिया। ग्रामीणों को मोमबत्ती व माचिस वितरित की।
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डेढ़ सेक्शन तैराक पीएसी मांगी
गंगा में विकराल होती बाढ़ से निपटने के लिए पीएसी की सहायता मांगी गई है। एसडीएम गजराज सिंह ने बताया कि उन्होंने ड़ीएम को पत्र लिखकर डेढ़ सेक्शन तैराक पीएसी मांगी है। मिलते ही गांवों में तैनात कर दी जाएगी। वहीं बाढ़ को देखते हुए एक कंपनी पीएसी की तैनाती कर दी गई है। पीएसी के जवानों ने आते ही पांचाल घाट पर अपनी मोटर वोट डाल दी। जवानों को बाढ़ग्रस्त इलाके में जाकर लोगों की मदद करने के आदेश दिए गए हैं।

एक हजार राहत पैकेट के लिए लिखा पत्र

बाढ़ से घिरे ग्रामीणों के खाने-पीने की कोई समस्या न हो, इसलिए तहसीलदार कर्मवीर सिंह ने डीएम को पत्र भेज पर एक हजार राहत पैकट तहसील में भेजने की मांग की है। तहसीलदार ने बताया कि बाढ़ से गांव घिर चुके हैं।
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बाढ़ पीड़ितों के बचाव को एसडीएम ने कराया मॉकड्रिल

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अमृतपुर। तहसील क्षेत्र के गांव कुड़री सारंगपुर में एसडीएम गजराज सिंह के नेतृत्व में मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। जिसमें गांव में स्वास्थ्य विभाग के डॉ. गौरव वर्मा, तहसीलदार कर्मवीर सिंह के साथ अन्य कर्मचारी पहुंचे। बाढ़ से पीड़ित बीमारों को बचाने का रिहर्सल किया गया। स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों को प्रशिक्षण दिया। गांव के बीमार को लाकर उपचार किया गया। एसडीएम ने गांव में तैरने वाले लोगों को भी जानकारी दी है। इस दौरान कानूनगो अजय शुक्ला, मोहम्मद आबिद खां, लेखपाल आदिल खान आदि मौजूद रहे। (संवाद)
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बाढ़ से भरा पानी छत पर बना खाना

शमसाबाद। बाढ़ से घिरे गांवों में लोगों को खाना बनाने और शौच के लिए दिक्कत है। घरों में पानी भरने से छतों पर खाना बनाना शुरू कर दिया। चंपतपुर में दो-दो फीट गलियों में पानी भरा है। गांव की अंजली छत पर बनाती मिलीं। अंजली ने बताया कि पूरे मकान में पानी है। ना तो कहीं शौच के लिए जगह है और न खाना बनाने की।
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फर्रूखाबाद। गंगा के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी से क्षेत्र में खड़ी फसल जलमग्न हो गई है। मक्का की तैयार फसल को बचाने के लिए ग्रामीणों ने नायाब तरीका ढूंढ निकाला है। ग्रामीणों ने ड्रमों को जोड़कर नाव का आकार दिया। वहीं गंगा का पानी हिलोंरे ले रहा है। ग्रामीण लगातार बढ़ रहे पानी से परेशान हैं। शमसाबाद-शहजहांपुर, राजेपुर-बदायूं मार्ग पर तेज बहाव के साथ बह रहे पानी के कारण छोटे वाहनों को निकलने पर पाबंदी लगा दी गई है।


ग्रामीण के ऊंचे चबूतरे पर चली पढ़ाई

शमसाबाद। गांव झौआ के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में पानी भरा है। प्रधानाध्यापक उमाशंकर शाक्य, सहायक अध्यापक यशपाल सिंह और संविलियन विद्यालय कटरी तौफीक के प्रधानाध्यापक राकेश यादव ने एक ग्रामीण के ऊंचे चबूतरे पर शिक्षण कार्य कराया। प्रधानाध्यापक उमाशंकर ने बताया कि पूर्व माध्यमिक विद्यालय में 90 बच्चे हैं, इनमें 17 आए। संविलियन के प्रधानाध्यापक राकेश यादव ने बताया कि स्कूल में पानी होने से पूर्व माध्यमिक विद्यालय झौआ में पढ़ा रहे हैं।
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बाढ़ क्षेत्र के गांव का अधिकारियों ने किया दौरा
शमसाबाद। एसडीएम कायमगंज यदुवंश सिंह, सीओ सोहराब आलम ने कटरी के गांवों का दौरा किया। पानी में संकेतक लगाने और नगला बसोरा के मजरा मुंशी नगला में नाव चलवाने के निर्देश दिए। गांव गुटेटी दक्षिण में दवाएं वितरित कराईं। (संवाद)

पड़ोसी स्कूलों में पढ़ाएंगे शिक्षक
शमसाबाद। खंड शिक्षाधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि 27 स्कूल जलभराव से बंद हैं। इनके 55 शिक्षक और 20 शिक्षामित्रों को आसपास के कम शिक्षकों वाले स्कूलों में शिक्षण कार्य करने के आदेश दिए गए हैं।
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