फर्रुखाबाद। गंगा का जलस्तर बढ़ने से खतरे के निशान से मात्र 10 सेमी. दूर रह गया है। इससे अमृतपुर क्षेत्र में बदायूं मार्ग चित्रकूट डिप पर पानी चलने लगा है। शमसाबाद क्षेत्र में शहजहांपुर मुख्य मार्ग पर बाढ़ का पानी बढ़ रहा है। कंपिल क्षेत्र सहित 50 से अधिक गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं।
नरौरा बांध से गंगा में गुरुवार को एक लाख 28 हजार 716 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे जलस्तर 20 सेमी बढ़कर 136.80 मीटर से 137.00 मीटर पर पहुंच गया। शुक्रवार को एक लाख 15180 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे गंगा का जलस्तर पांच सेमी बढ़कर 136.95 मीटर पर पहुंच गया है। जो चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से 35 सेमी ऊपर है। खतरे के निशान 137.10 मीटर से मात्र 15 सेमी दूर रह गया है।
अमृतपुर क्षेत्र में करीब 30 से अधिक गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। रास्तों में पानी भरने से आवागमन बाधित है। गांव बरुआ को जाने वाले मार्ग पर पानी अधिक होने से निकलना मुश्किल है। फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग चित्रकूट डिप पर तेज धार से करीब एक फुट पानी बह रहा है।
इससे दुपहिया वाहनों का निकलना खतरे से खाली नहीं है। पुलिस एहतिआत के तहत डिप के दोनों ओर डिवाइडर लगाकर वाहनों के आवागमन पर नजर रह रही है। गंगा में आई बाढ़ से गांव कंचनपुर सबलपुर, रामपुर, उदयपुर, खानपुर, हमीरपुर, जोगराजपुर, सुंदरपुर, कछुआ गाढ़ा, सैदापुर, करनपुर घाट, माखन नगला, रामप्रसाद नगला, बमियारी, बरुआ, अमीराबाद, चैनगंज, गाजीपुर, खानपुर, चित्रकूट, अंबरपुर, हरसिंहपुर कास्थय, ऊगरपुर, लायलपुर, तीसराम की मड़ैया, मंझा, आसमपुर की मड़ैया, आशा की मड़ैया, गौटिया, जमापुर, भाऊपुर चौरासी, रतनपुर बाढ़ के पानी से घिरे हैं।
खेतों में कई दिनों से पानी भरा होने से धान की फसल खराब हो गई। हालांकि अभी गन्ने की फसल बची है। ग्रामीणों को पशुओं के चारे की चिंता सता रही है। चारा लेने काफी दूर जाना पड़ रहा है। रामगंगा में खो हरेली रामनगर बैराज से शुक्रवार को 11405 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। रामगंगा नदी का जलस्तर 135.65 मीटर से घटकर 135.50 मीटर पर आ गया।
बाढ़ से 20 से अधिक स्कूल बंद
गंगा में बाढ़ आने से अमृतपुर क्षेत्र में रास्तों पर पानी भरा होने से 20 से अधिक स्कूल बंद हो गए। गांव रामप्रसाद नगला, माखन नगला, जोगराजपुर, रामपुर, उदयपुर, बरुआ, सुंदरपुर, कछुआ गाढ़ा, राजाराम की मड़ैया, तीसराम की मड़ैया, अम्बरपुर, खानपुर, चित्रकूट, नगला दुर्गू, मंझा की मड़ैया, जसूपुर गढ़िया आदि विद्यालय बाढ़ से बंद हो गए हैं। खंड शिक्षा अधिकारी अनूप कुमार सिंह ने सभी शिक्षक शिक्षिकाओं को पास के स्कूलों में बैठने के निर्देश दिए हैं।
दूसरे स्कूलों में मनाया स्वतंत्रता दिवस
ब्लाॅक राजेपुर क्षेत्र के कई स्कूलों में बाढ़ का पानी भरा होने से शिक्षक व बच्चे नहीं पहुंच सके। प्राथमिक विद्यालय रामपुर, जोगराजपुर, नगला रामप्रसाद, अंबरपुर, जूनियर हाईस्कूल रामपुर, प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय उदयपुर आदि के शिक्षकों ने दूसरे स्कूलों जाकर स्वतंत्रता दिवस मनाया। कंपोजिट विद्यालय कंचनपुर सबलपुर में पानी भरा होने से शिक्षकों ने जगतपुर में बने बरातघर में ध्वजारोहण किया।
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शाहजहांपुर मुख्य मार्ग पर भरा पानी, कई गांव में जलभराव
शमसाबाद। कस्बा से शाहजहांपुर जाने वाले मुख्य मार्ग पर चौरा गांव के सामने करीब ढाई फीट पानी बहने लगा है। इससे बाइक सवार जान जोखिम में डालकर निकलते हैं और तो कुछ बैलगाड़ी व तांगे पर बाइक रखकर निकल रहे हैं। बैलगाड़ी व तांगा चालक 100 मीटर बाइक ले जाने के 50 रुपये किराया लेते हैं। गांव कटरी तौफीक, कमथरी, चंपातपुर, अचानकपुर, हैबतपुर गढ़िया सहित कई स्कूलों में बाढ़ का पानी भर गया है। गांव अचानकपुर, रूपपुर मंगलीपुर, कटरी तौफीक, कमथरी, समैचीपुर, पैलानी दक्षिण सहित कई गांव में पानी घुस गया है। इससे गांव की गलियों में नाव से आवागमन होने लगा है।
बाढ़ से 12 गांवों की बिजली आपूर्ति बंद की
कंपिल। क्षेत्र के गांव इकलहरा, सींगनपुर, दयामाफ़ी, पुंथर, ठाकुर नगला, हमीरपुर, जात नगला, राम सिंह का नगला, शेखपुर, गंगपुर, शाहपुर, टपुआ चौड़ेरा, जतिनगला सहित तीन दर्जन से अधिक गांव बाढ़ के पानी से घिरे हैं। बाढ़ प्रभावित गांवों में चारे की समस्या है। जेई अजय कुमार ने बताया बाढ़ प्रभावित गांव इकलहरा, जटीजटा, ठाकुर नगला, सींगनपुर, शेखपुर, बिहारीपुर, शाहपुर, गंगपुर सहित 12 गांव की बिजली काट दी गयी है। ग्रामीणों ने रात में बिजली आपूर्ति देने की मांग की।