संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। करथिया में बदमाश सुभाष बाथम के चंगुल से 23 बच्चों को सकुशल छुड़वाने में राष्ट्रपति की ओर से तत्कालीन आईजी कानुपर जोन सहित छह लोगों को वीरता पुरस्कार दिया गया है। अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने पर एसपी को डीजीपी ने गोल्ड मेडल भेजा है।
मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव करथिया में सुभाष बाथम ने 30 जनवरी 2020 को गांव के 23 बच्चों को बंधक बना लिया था। तत्कालीन आईजी कानपुर मोहित अग्रवाल की अगुवाई में तत्कालीन एसपी अनिल कुमार मिश्रा, तत्कालीन एएसपी त्रिभुवन सिंह, कोतवाल मोहम्मदाबाद राकेश कुमार, एसओजी प्रभारी दिनेश गौतम, सिपाही नवनीत यादव ने आठ घंटे की मशक्कत कर 23 बच्चों को सकुशल बचा लिया था।
बदमाश सुभाष पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। उसकी पत्नी रूबी की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। राष्ट्रपति ने आईजी सहित सभी छह लोगों को वीरता पुरस्कार दिया है। डीजीपी ने अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने पर एसपी विकास कुमार को गोल्ड मेडल, सीओ कायमगंज सोहराब आलम, क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर रामकरन, कायमगंज कोतवाली के इंस्पेक्टर जय प्रकाश पाल, सर्विलांस प्रभारी जगदीश भाटी, सर्विलांस के सिपाही संदीप राय को सिल्वर मेडल भेजा है।
कुल तीस पुलिस कर्मियों को स्वतंत्रता दिवस पर मंगलवार को मेडल देकर सम्मानित किया जाएगा।