फर्रुखाबाद। मां-बेटे पर 27 वर्ष पहले जानलेवा हमले में चार दोषियों को एडीजे प्रथम विष्णु चंद्र वैश्य ने साढ़ चार वर्ष की सजा सुनाई। तीन दोषियों को 12-12 हजार व एक पर 17 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
फतेहगढ़ कोतवाली के गांव मसेनी मजरा टीकावारी निवासी राजेश्वर प्रसाद ने पड़ोसी श्याम सिंह, पुत्तूलाल, निर्बल, अतर सिंह, दयाल, लाल सहाय, रूपलाल के खिलाफ 11 जुलाई 1996 को मुकदमा दर्ज कराया था।
इसमें आरोप लगाया कि घटना के दिन वह अपनी मां वैष्णो के साथ छत पर सो रहा था। पुरानी रंजिश में इन लोगों ने लाठी-डंडों व असलहों से हमला कर दिया। गोली लगने से राजेश्वर प्रसाद व मां घायल हो गए थे।
विवेचक ने छानबीन के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी पुत्तूलाल, निर्बल, लालसहाय की मौत हो गई। सुनवाई कर रहे न्यायाधीश ने गवाह व साक्ष्य के आधार पर मंगलवार को आरोपी श्याम सिंह, अतर सिंह, दयाल व रूपलाल को दोषी करार किया था। बुधवार को कोर्ट ने चारों दोषियों को 4 वर्ष 6 माह की सजा सुनाई। अतर सिंह, दयाल व रूपलाल पर 12-12 हजार व श्याम सिंह पर 17 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड नहीं जमा करने पर चारों दोषियों को अतिरिक्त कारावास भोगने के भी आदेश दिए है। अभियोजन पक्ष के वकीलों ने सजा को लेकर दलीलें दी।