फर्रुखाबाद। एमपी/एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश कृष्ण कुमार की कोर्ट ने पूर्व विधायक विजय सिंह को अमानत में खयानत में दोषी करार देकर तीन वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई। पूर्व विधायक को आठ लाख रुपये जुर्माना जमा करने के आदेश दिए। सिपाही को आत्महत्या के लिए उकसाने में पूर्व विधायक को दोषमुक्त कर दिया। भाजपा के पूर्व मंत्री ब्रह्मदत्त द्विवेदी की हत्या में पूर्व विधायक बांदा जेल में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे हैं।
फतेहगढ़ कोतवाली में तैनात सिपाही (चालक) बृजेंद्र सिंह तोमर मोहल्ला सिविल लाइन में सुरेंद्र सिंह के मकान में किराए पर रहते थे। 26 जून 2014 को वह कमरे में मृत अवस्था में मिले थे। उनकी गोली लगने से मौत हुई थी। जनपद मैनपुरी में आश्रम रोड बालाजीपुरम निवासी पुत्र राहुल तोमर ने अज्ञात के खिलाफ पिता की हत्या कर जेवर लूटने का मुकदमा दर्ज कराया था।
मुकदमे की जांच कर रहे क्राइम ब्रांच के निरीक्षक नवाज अहमद ने शहर कोतवाली के मोहल्ला नाला मछरट्टा निवासी समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक विजय सिंह के खिलाफ सिपाही बृजेंद्र सिंह तोमर को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में एमपी/एमएलए कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। पूर्व विधायक विजय सिंह भाजपा के पूर्व मंत्री ब्रह्मदत्त द्विवेदी हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा में बांदा जेल में निरुद्ध है।
मुकदमे की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश कृष्ण कुमार ने गवाहों व साक्ष्य के आधार पर दोषी पूर्व विधायक विजय सिंह को तीन वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने दोषी को आठ लाख रुपये जुर्माना जमा करने के आदेश दिए। जुर्माना नहीं देने पर दोषी को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। जुर्माना में से 7.50 लाख रुपये सिपाही के परिजनों या उत्तराधिकारी को देने के आदेश दिए।