फर्रुखाबाद। शमीम हत्याकांड में गवाह इदरीश के अंगूठे का निशान लखनऊ से आई फोरेंसिक टीम के वैज्ञानिकों ने लिए। इस संबंध में दस दिन में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने की बात बताई। कोर्ट ने सुनवाई के लिए 23 जून की तिथि नियत की है।
जनपद कन्नौज कोतवाली गुरसहायगंज के समधन निवासी लकड़ी ठेकेदार शमीम की 26 जुलाई 1995 को गोली मारकर फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र में हत्या कर दी गई थी। परिजनों ने मोहल्ला कसरट्टा निवासी बसपा नेता डॉ.अनुपम दुबे व बाल किशन उर्फ शिशु सहित कई लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे में सीबीसीआईडी के विवेचक प्रमोद कुमार शर्मा ने दोनों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। मुकदमे में गवाह इदरीश व सरफराज के 4 जनवरी 2008 को मजिस्ट्रेट के सामने 164 के बयान दर्ज कराए गए थे। दोनों हिंदी, अंग्रेजी पढ़े नहीं थे। उन्होंने बयान पर अंगूठे के निशान लगाए थे। बयान पर लगाए गए अंगूठे के निशान का परीक्षण नहीं कराया गया था। 14 जुलाई 2021 को बसपा नेता ने शमीम हत्याकांड में कोर्ट में समर्पण कर दिया था। कोर्ट ने बसपा नेता को जिला जेल भेज दिया। वहां से बसपा नेता को मैनपुरी जेल स्थानांतरित कर दिया। गवाह इदरीश पूर्व में मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए गए बयान से कोर्ट में पुन: पेशी पर मुकर गया था। बसपा नेता को कुछ दिन पहले मैनपुरी जेल से फिरोजाबाद जेल स्थानांतरित कर दिया गया।
बचाव पक्ष के वकील जितेंद्र सिंह चौहान ने गवाह इदरीश के दो बार दिए गए बयान पर एतराज किया था। कोर्ट ने इस संबंध लखनऊ की फोरेंसिक टीम को गवाह इदरीश के अंगूठे के निशान लेने के आदेश दिए थे। सोमवार को अशोक कुमार, आनंद मसीह, शैलेंद्र नारायण सक्सेना व फोटोग्राफर लक्ष्मी नारायण कोर्ट में उपस्थित हुए। गवाह इदरीश के अंगूठे का नमूना लिया और दस दिन में रिपोर्ट देने की बात कही।