अमृतपुर। रामगंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 10 सेमी दूर होने से निकटवर्ती गांव के घरों में पानी घुस गया है। बिजली के खंभे बाढ़ के पानी से घिरे होने से 12 गांवों की आपूर्ति ठप कर दी गई। रास्ते में पानी भरा होने और मोबाइल चार्ज न होने से ग्रामीणों का मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। एडीएम के आदेश पर भेजी गई नाव चलाने के लिए नाविक नहीं मिले।
रामगंगा का जलस्तर रविवार सुबह पांच सेमी बढ़कर 137.05 मीटर पर पहुंच गया। नदी का जलस्तर खतरे के निशान 137.10 मीटर से मात्र पांच सेमी नीचे रह गया। खो हरेली रामनगर बैराज से 5205 क्यूसेक पानी और छोड़ा गया। शाम को रामगंगा का जलस्तर पांच सेमी कम होने से फिर 137 मीटर पर स्थिर हो गया है, जो खतरे के निशान से 10 सेमी नीचे है।
गांव हीरानगर, गुलरिया, कटैला, भावन, नीचे वाला चपरा, बड़ा गांव परतापुर, खाखिन में पानी भर जाने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई। कुछ घरों में पानी भर जाने से लोग छतों व ऊंचे स्थान पर रहने को मजबूर हैं।
रामगंगा के किनारे बसे गांव बिरसिंहपुर, वीरपुर हरिहरपुर, इमादपुर पमारान, कड़क्का, अलीगढ़, बिचपुरिया, मौलागंज, खरगपुर, बिलालपुर, खंडौली आदि गांव के खेतों में बाढ़ का पानी भरने से फसलें जलमग्न हो गई हैं।
इससे ग्रामीणों के सामने पशुओं के चारे की समस्या पैदा हो गई है। अमैयापुर मार्ग पर दो फीट से अधिक पानी चल रहा है। इससे लोगों को आने-जाने में दिक्कत है। एडीएम ने शनिवार को दो नाव लगाने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद लेखपाल ने एक नाव लगाई, वह भी फूटी है।
ग्रामीणों का कहना है कि नाव आ गई है, लेकिन नाविक नहीं है। नाव में नीचे छेद होने से इसमें पानी भर रहा है। इससे ग्रामीणों को नाव से कोई लाभ मिलने वाला नहीं है। गांव खाखिन के ग्रामीण पानी में घुसकर निकल रहे हैं।
गंगा का जलस्तर 20 सेमी बढ़कर 135.15 मीटर से 135.35 मीटर पर पहुंच गया है। नरौरा बांध से 30986 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा की धार गांव करनपुर घाट, हरसिंहपुर कायस्थ, जोगराजपुर के खेतों में तेजी से कटान कर रही है।
एडीएम सुभाष चंद्र प्रजापति ने बताया कि एक नाव पीएसी की लगाई गई है। एक नाव लेखपाल द्वारा डाली गई है। नाव फूटी है, तो उसे बदलवाकर दूसरी नाव भेजने के साथ एक नाविक भी रहेगा। ग्रामीणों ने उन्हें बताया है कि पानी कम होने लगा है।
रामगंगा नदी की बाढ़ का पानी गांव में घुसने के साथ 11 केवी की लाइन के खंभे भी पानी से घिर गए हैं। अवर अभियंता होरीलाल वर्मा ने गांव झंडी की मड़ैया, असलानपुर, खाखिन, अमैयापुर, बड़ागांव परतापुर, चपरा गैहालर, बजीरपुर, हीरानगर, गुड़ेरा, रुलापुर, भावन, बल्लू बेहटा सहित 12 गांव की बिजली आपूर्ति बंद कर दी है।
एसडीओ सुजीत कुमार गुप्ता ने बताया है कि गांव व खेतों में पानी भरने व खंभे पानी से घिरने की रिपोर्ट लाइनमैन ने दी। अनहोनी की आशंका को देखते हुए इन गांवों की बिजली आपूर्ति बंद की गई है।
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मुख्यालय से टूटा संपर्क, सांप-बिच्छू का डर
ग्रामीण बाढ़ के पानी से घिरे होने के साथ रात में अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जिन गांव में पानी नहीं भरा है। उन गांव की भी बिजली बंद कर दी गई है। मोबाइल चार्ज न हो पाने से रिश्तेदारों व मुख्यालय से संपर्क भी नहीं हो पा रहा है। रात में सांप, बिच्छू, जानवर व कीड़े-मकोड़ों का भय बना हुआ है। बिजली काट दिए जाने से भीषण गर्मी में रात काटने को मजबूर हैं।
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तहसील में नहीं खुला बाढ़ कंट्रोल रूम
गंगा व रामगंगा का पानी लगातार बढ़ रहा है। गांवों में बाढ़ का पानी घुसने के बावजूद तहसील में अभी तक बाढ़ कंट्रोल रूम नहीं खोला गया है। जबकि हर साल तहसील में बाढ़ कंट्रोल रूम खोल कर 24 घंटे कर्मचारी की ड्यूटी रहती थी। बाढ़ कंट्रोल रूम के नंबर पर बाढ़ पीड़ित अपनी समस्या बताते हैं। एसडीएम अतुल कुमार सिंह ने बताया कि सोमवार से बाढ़ कंट्रोल रूम खोल दिया जाएगा।
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बाढ़ क्षेत्र में बुखार के मरीज बढ़े, शिविर लगाया
अमृतपुर। तहसील क्षेत्र के गांव फकरपुर में रविवार को डॉ.गौरव वर्मा ने टीम के साथ स्वास्थ्य शिविर लगाया। इसमें उन्होंने 79 मरीज देखे। सबसे ज्यादा जुकाम, बुखार व खांसी के मरीज मिले। उनका परीक्षण कर दवा दी गई है। शिविर में 15 मरीजों की शुगर व 16 मरीजों की मलेरिया जांच की गई। इनमें पांच की शुगर बढ़ी निकली। मरीजों को ओआरएस व पानी साफ करने के लिए क्लोरीन वितरित की गई। एलटी पवन कुमार आदि मौजूद रहे। (संवाद)