फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया अस्पताल में एक स्टाफ नर्स के आवास में आग लग गई। इससे लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। दमकल ने करीब पौन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। एसडीएम व थाना पुलिस ने भी मौका मुआयना किया। स्टाफ नर्स रविवार सुबह आवास में ताला लगाकर मायके गई थीं।
लोहिया अस्पताल में तैनात स्टाफ नर्स यज्ञेश आवास नंबर 28 में रहती हैं। वह रविवार सुबह करीब 11 बजे आवास में ताला डालकर मायके इटावा के लिए रवाना हुई थीं। शाम करीब पांच बजे ऊपरी मंजिल पर रह रहे कर्मचारी कुलदीप ने एसी के पास खिड़की से धुआं निकलते देखा। उन्होंने आसपास लोगों को जानकारी दी। लोगों ने एक खि़ड़की का शीशा तोड़ तो कमरे में आग की लपटें दिखीं।
लोगों ने घरों से बाल्टी से पानी लाकर आग बुझाने का प्रयास किया। सूचना के करीब पौन घंटे बाद दमकल पहुंची। एक कमरे की आग खिड़की से बुझा ली गई। मुख्य गेट का ताला तोड़ा, मगर सेंटर लॉक लगा था। बाद में पीछे का गेट तोड़कर अंदर के दो अन्य कमरों की भी आग बुझाई गई। आग से लाखों रुपये का सामान जलने का अनुमान है।
एसडीएम गजराज सिंह व कादरीगेट इंस्पेक्टर अवध नारायण पांडेय पुलिस बल के साथ पहुंचे। आग बुझने के बाद सीएमएस डॉ. अशोक प्रियदर्शी पहुंचे। एसडीएम ने सीएमएस से जर्जर आवासों की मरम्मत और आवासों में अवैध रूप से रहने वालों की सूची तलब की। कहा कि वह डीएम को रिपोर्ट करेंगे। स्टाफ नर्स को भी सूचना दी दी गई है। वह इटावा से घर के लिए रवाना हो गई हैं।
...तो हो जाता बड़ा हादसा
दमकल कर्मियों के पहुंचने से पहले लोग आग बुझाने में लगे थे। उन्होंने रसोई गैस सिलिंडर की जानकारी ली तो पता चला कि वह रसोई में ही रखा होगा। इस पर उन्होंने सभी को दूर जाने के निर्देश दिए। कहा कि सिलिंडर फटता है तो काफी नुकसान होता है। गनीमत रही कि आग रसोई तक पहुंचने से बच गई।
गेमिंग स्टूडियो चलने के मिले संकेत
आवास के जिस कमरे में आग से सबसे अधिक नुकसान हुआ है। उसमें ऑनलाइन गेम के स्टूडियो में काम आने वाला सामान भी अधजला मिला है। लोगों का कहना है कि स्टाफ नर्स का भाई इस कमरे में स्टूडियो चलाता है।
शार्ट सर्किट से आग लगने की आशंका है। स्टाफ नर्स के आने के बाद ही सही स्थिति का आकलन हो पाएगा। नुकसान की सही जानकारी भी उनके आने पर होगी। रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
- डॉ. अशोक प्रियदर्शी, सीएमएस, लोहिया, जिला अस्पताल